शिवसेना (UBT) छोड़ने पर शुभांगी पाटिल ने साफ की अपनी स्थिति (फोटो क्रेडिट-X)  
धुले

उद्धव ठाकरे को एक और बड़ा झटका! उपनेता शुभांगी पाटिल हजारों कार्यकर्ताओं के साथ शिंदे गुट में होंगी शामिल

Shubhangi Patil Leaves Uddhav Thackeray Join Shinde Sena: उद्धव ठाकरे गुट को फिर लगा बड़ा झटका। उपनेता शुभांगी पाटिल ने एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने का किया फैसला।

अनिल सिंह

Shubhangi Patil Quits Shiv Sena UBT: महाराष्ट्र की सियासत में दल-बदल और राजनीतिक भूचाल का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) को एक बार फिर बहुत बड़ा तगड़ा झटका लगा है। पार्टी के कई कद्दावर सांसदों और विधायकों के टूटने के बाद अब ठाकरे सेना की फायरब्रांड महिला नेता और उपनेता शुभांगी पाटिल ने भी उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने का अंतिम फैसला कर लिया है।

इस बड़े राजनीतिक उलटफेर से उत्तर महाराष्ट्र, विशेषकर धुले और जलगांव बेल्ट में ठाकरे समूह को बड़ा नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। शुभांगी पाटिल को इस क्षेत्र का तेजतर्रार और कद्दावर नेता माना जाता है।

'ऑपरेशन टाइगर' फिर हुआ सक्रिय

महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में 'ऑपरेशन टाइगर' के एक बार फिर से एक्टिव होने की चर्चाएं तेज हैं। कुछ ही दिनों पहले उद्धव ठाकरे खेमे के 6 मौजूदा सांसदों ने विकास निधि की कमी और क्षेत्र के विकास का हवाला देते हुए एकनाथ शिंदे की शिवसेना का दामन थाम लिया था। इसके ठीक बाद विधान परिषद सदस्य सचिन अहीर ने भी ठाकरे समूह को 'जय महाराष्ट्र' कहते हुए महायुति सरकार का समर्थन करने का फैसला किया।

इस झटके से उबरने से पहले ही अब पार्टी की मजबूत महिला चेहरा शुभांगी पाटिल भी हजारों कार्यकर्ताओं और स्थानीय पदाधिकारियों के साथ धुले से मुंबई के लिए रवाना हो चुकी हैं।

उद्धव ठाकरे से कोई शिकायत नहीं

पिछले कुछ हफ्तों से शुभांगी पाटिल के पाला बदलने की अटकलें राजनीतिक हलकों में गर्म थीं, हालांकि वे लगातार इन खबरों का खंडन करती आ रही थीं। लेकिन अब उन्होंने मुंबई में एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में भगवा झंडा थामने की बात स्वीकार कर ली है। मीडिया से बात करते हुए शुभांगी पाटिल ने कहा, "मुझे निजी तौर पर उद्धव ठाकरे जी से कोई शिकायत या नाराजगी नहीं है। उन्होंने मुझे संगठन में सम्मान दिया।

लेकिन मेरे निर्वाचन क्षेत्र के हजारों कार्यकर्ताओं, समर्थकों और पदाधिकारियों का भारी दबाव था कि क्षेत्र के विकास के लिए हमें सत्ताधारी दल के साथ जाना चाहिए। उन्हीं के आग्रह पर मैं यह कदम उठा रही हूं।"

धुले और उत्तर महाराष्ट्र में कमजोर होगा ठाकरे गुट

शुभांगी पाटिल के इस फैसले के बाद मुंबई में एक भव्य प्रवेश समारोह का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ कार्यकर्ता शामिल होंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शुभांगी पाटिल का जाना ठाकरे समूह के लिए एक बड़ा रणनीतिक नुकसान है, क्योंकि वे जमीन से जुड़ी नेता मानी जाती हैं और युवाओं व महिलाओं के बीच उनकी अच्छी पकड़ है।

वहीं दूसरी तरफ, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना आगामी स्थानीय निकाय और अन्य चुनावों से पहले उत्तर महाराष्ट्र में खुद को और अधिक मजबूत करने में सफल रही है। आने वाले दिनों में ठाकरे गुट के कुछ और बड़े नामों के पाला बदलने की अटकलें लगाई जा रही हैं।

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