

Maharashtra Politics Sanjay Raut: महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों लगातार बड़े घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। शिवसेना (शिंदे गुट) में वरिष्ठ नेता और विधायक सचिन अहीर के शामिल होने के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। इस बीच शिंदे गुट के नेता बच्चू कड़ ने उद्धव ठाकरे गुट और खासकर सांसद संजय राऊत पर तीखा हमला बोलते हुए पार्टी के भीतर असंतोष के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया।
बच्चू कड़ ने कहा कि शिवसेना (उद्धव गुट) में बढ़ते असंतोष की एक बड़ी वजह संजय राऊत हैं। उनका दावा है कि पार्टी के कई नेता राऊत की कार्यशैली से नाराज हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र के साथ-साथ केंद्र सरकार को मजबूत करने की दिशा में काम किया है, जबकि उद्धव ठाकरे ने राऊत को अत्यधिक महत्व दिया, जिसका असर पार्टी पर पड़ा।
सचिन अहीर के शिंदे गुट में शामिल होने पर बच्चू कड़ ने उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यदि अहीर के साथ उनके समर्थक और सहयोगी भी आते हैं तो उन्हें मित्र और साथी के रूप में स्वीकार किया जाएगा। उनके अनुसार पार्टी का उद्देश्य लगातार अपने संगठन को मजबूत करना और अधिक से अधिक लोगों को साथ जोड़ना है।
राज ठाकरे द्वारा भाजपा की आलोचना किए जाने के सवाल पर बच्चू कड़ ने संतुलित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह मामला पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व और दिल्ली स्तर पर तय होने वाला विषय है। मंत्री पद को लेकर उन्होंने कहा कि यदि उन्हें कोई जिम्मेदारी मिलती है तो उसका उद्देश्य केवल महाराष्ट्र के विकास के लिए काम करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें किसी प्रकार की नाराजगी नहीं है और संगठन को मजबूत करना ही उनकी प्राथमिकता है।
टीईटी परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले पर बच्चू कड़ ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सबसे सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने दोषियों को कठोरतम दंड देने की मांग करते हुए सुझाव दिया कि भविष्य में ऐसी परीक्षाएं सेना भर्ती की तर्ज पर पूरी तरह ऑफलाइन आयोजित की जाएं, ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
राज्य की राजनीति में हाल के दिनों में शिंदे गुट लगातार अपनी ताकत बढ़ाता नजर आ रहा है। कुछ दिन पहले विभिन्न नेताओं के शामिल होने के बाद अब सचिन अहीर का पार्टी में आना भी अहम राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है। वहीं, अभिनेता किरण सरनाईक द्वारा भी शिंदे गुट को समर्थन दिए जाने की चर्चा ने महाराष्ट्र की सियासत को और अधिक गर्मा दिया है। आने वाले दिनों में इन घटनाक्रमों का राज्य की राजनीति पर महत्वपूर्ण असर देखने को मिल सकता है।