महावितरण कंपनी के ठेका मजदूरों ने किया प्रदर्शन 
धुले

महावितरण कंपनी नियुक्ति के लिए मांग रही 30 हजार रुपए, ठेका मजदूरों ने खोला मोर्चा

महावितरण में ठेका मजदूरों को फिर से 11 महीनों के नियुक्ति पत्र देने के लिए 30 हजार रुपए की मांग की जा रही है। ठेका मजदूरों ने कहा कि इस प्रकार से होने वाला मजदूरों का शोषण बंद किया जाना चाहिए। इस मामले को लेकर मजदूरों ने ज्ञापन भी सौंपा है।

आकाश मसने

धुलिया: महावितरण में ठेका मजदूरों को फिर से 11 महीनों के नियुक्ति पत्र देने के लिए 30 हजार रुपए की मांग की जा रही है। इस प्रकार से होने वाला मजदूरों का शोषण बंद किया जाना चाहिए। इसके अलावा निशुल्क और बिना शर्त नियमानुसार नियुक्ति दी जानी चाहिए, यह मांग धुलिया मंडल कार्यालय के अंतर्गत कार्यरत बाह्यस्रोत ठेका तंत्रज्ञ और यंत्रचालक मजदूरों ने की है।

इस संबंध में महावितरण के अधीक्षक अभियंता को एक ज्ञापन दिया गया। साथ ही जोरदार प्रदर्शन करके ध्यान आकर्षित किया गया। इस मौके पर यावेळी दीपक कोळी, गणेश पाटील, कुणाल वाघ, कल्पेश वाडेकर, आदेश चौधरी, रवी चव्हाण, दीपक बाबर, संजय पाटील, प्रमोद चौधरी, भूषण तांबे, अनिल पाटील, मयूर मुलमुले, रमेश ठाकूर, रमेश गवळी, अक्षय सोनार, विजय खैरनार, दुर्गेश जाधव, भगवान देवरे, शरद तुपे, एकनाथ पांचाळ के साथ कई मजदूर उपस्थित थे।

इस संबंध में महावितरण के अधीक्षक अभियंता को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि धुलिया मंडल कार्यालय के अंतर्गत आने वाले सभी उपविभाग, सभी कक्ष और उपकेंद्रों में कार्यरत तंत्रज्ञ और यंत्रचालक ठेका मजदूर 5 से 8 वर्षों से धुलिया मंडल कार्यालय के अंतर्गत आने वाले कक्षों में और उपकेंद्रों में कार्यरत हैं। हमारे कार्यादेश की अवधि समाप्त हो गई है और अब फिर से उसी कंपनी को नया कार्यादेश दिया गया है।

क्या है ठेका मजदूरों की मांग

ठेका मजूदरों ने कहा कि हमें फिर से 11 महीनों के लिए नियुक्ति पत्र लेने के लिए नासिक के मातोश्री स्वयंरोजगार सेवा सहकारी संस्था के मालिक किरण गायकवाड 30 हजार रुपए की मांग कर रहे हैं। लेकिन किसी भी ठेका मजदूर से नियुक्ति के लिए पैसों की मांग नहीं होनी चाहिए। निशुल्क और बिना शर्त नियमानुसार नियुक्ति दी जानी चाहिए। इसके लिए आपके माध्यम से प्रयास किए जाने चाहिए। सभी मजदूरों को उचित न्याय मिलना चाहिए। आर्थिक मामलों की पूर्ति कंत्राटी कर्मचारियों द्वारा नहीं की जानी चाहिए, अन्यथा उन्हें काम से कम नहीं किया जाना चाहिए। पुराने मजदूरों को कम करके उनकी जगह नए मजदूरों की भर्ती नहीं की जानी चाहिए, यह भी मांग निवेदन में की गई है।

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