आपदा प्रबंधन, डिजास्टर किट( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
धुले

आपदा से निपटने में अब और सक्षम धुले पुलिस, हर थाने को मिली डिजास्टर रिस्पॉन्स किट

Dhule Disaster Response kit: धुले पुलिस ने आपदा से निपटने के लिए सभी थानों को डिजास्टर रिस्पॉन्स किट दी है। गोल्डन ऑवर में राहत कार्य तेज करने के लिए प्रशिक्षण भी शुरू किया गया।

अंकिता पटेल

Dhule Golden Hour Rescue: धुले प्राकृतिक हो या मानवजनित आपदा कभी नोटिस देकर नहीं आती। ऐसे में रेस्क्यू टीम के पहुंचने से पहले का समय ही सबसे ज्यादा अहम होता है। इसी 'गोल्डन ऑवर' में जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए अब धुलेपुलिस ने कमर कस ली है।

महाराष्ट्र शासन से मिले अत्याधुनिक 'डिजास्टर रिस्पॉन्स किट' को जिले के सभी थानों में वितरित कर दिया गया है और शनिवार को पुलिस मुख्यालय में इसके उपयोग का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

आपदा से निबटने सिखाए गए मंत्र

इस पहल का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धिवरे और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अजय देवरे के मार्गदर्शन में किया गया। 11 अप्रैल को सुबह 11 बजे आयोजित इस प्रशिक्षण सत्र में धुलेजिला पुलिस, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और क्रिएटिव न्यूटेक लिमिटेड, मुंबई के संयुक्त प्रयास से कर्मियों को आपदा से निपटने के गुर सिखाए गए। प्रशिक्षण का मुख्य फोकस आपदा के शुरुआती मिनटों में त्वरित और सही प्रतिक्रिया देना रहा। अधिकारियों ने बताया कि अगर मौके पर मौजूद पुलिस पाटिल और कर्मचारी तुरंत सही उपकरणों का उपयोग करें, तो गंभीर हालात में भी कई जानें बचाई जा सकती हैं।

विशेष तरह की दी जा रही है किट

सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए इस आधुनिक किट में फोल्डिंग मल्टी स्ट्रेचर,  वयस्क व मध्यम आकार, लाइफ जैकेट, सेपटी हेलमेट, हैंड ग्लव्स, ममबूट, सेपटी नेट और 30 मीटर लंबी रैपलिंग रोप शामिल है। प्रशिक्षण के दौरान इन उपकरणों का लाइव डेमो भी दिया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर ये सिर्फ शोपीस बनकर न रह जाएं।

जमीनी स्तर के 'पहले रिस्पॉन्डर' तैयार

गांव या शहर में किसी भी हादसे के बाद सबसे पहले पहुंचने वाले पुलिस पाटिल और बीट कर्मचारी ही होते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस पाटिल और कर्मियों ने प्रशिक्षण में भाग लिया। उन्हें घायलों को प्राथमिक उपचार देने, सुरक्षित निकालने और मेडिकल सहायता आने तक संभालने की तकनीक सिखाई गई।

आपदा प्रबंधन अधिकारी थे मौजूद

इस मौके पर पुलिस निरीक्षक विनीद पाटिल, आपदा प्रबचन अधिकारी जितेंद्र सोनवणे समेत विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन किया, ट्रेनिंग टीम ने प्रैक्टिकल के जरिए उपकरणों की बारीकियां समझाई कार्यक्रम में जिला पुलिस के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। इस पहल से पुलिस की आपदा से निपटने की क्षमता अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत मानी जा रही है।

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