प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया) 
धुले

भूत करेंगे वोट? धुलिया में उठा लोकतंत्र की हत्या का मुद्दा, उद्धव गुट ने किया बड़ा खुलासा

Dhule News: धुलिया में मृत मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में होने का आरोप लगा है। उद्धव गुट के पूर्व विधायक अनिल गोटे ने चुनाव आयोग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि लिस्ट में 11 हजार ‘भूत वोटर’ हैं।

आकाश मसने

Fake Voter Scam In Dhule: महाराष्ट्र का लोकतंत्र एक बार फिर दांव पर है। धुलिया शहर विधानसभा क्षेत्र में मृतकों के नाम पर वोटों की लूट ने सियासी तुफान खड़ा कर दिया है। शिवसेना (यूबीटी) के कद्दावर नेता और पूर्व विधायक अनिल गोटे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सनसनीखेज खुलासा करते हुए चुनाव आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

अनिल गोटे के अनुसार, 2019 से 2024 तक 14 हजार मतदाता दुनिया छोड़ चुके हैं, लेकिन 2014 से 2024 तक दस सालों में महज 3,171 नाम ही मतदाता सूची से हटाए गए, गोटे ने सीधे सवाल किया, बाकी 11 हजार 'स्वर्गवासी' वोटर कैसे और कहां वोट डाल रहे हैं? उनका नारा गूंज उठा 'वोट चोर, सत्ता छोड़।'

गोटे ने पूछा कि क्या चुनाव आयोग इस घोटाले का मूक साक्षी है या किसी साजिश में शामिल है, गोटे का दावा है कि धुलिया तो सिर्फ शुरुआत है, मुंबई, पुणे, राजुरा समेत पूरे महाराष्ट्र में फर्जी मतदाताओं का जाल बिछा है।

शिवसेना (यूबीटी) नेता ने धुलिया में हुई धांधली के कई चौंकाने वाले उदाहरण दिए, जो लोकतंत्र की जड़ों को खोखला करने वाले हैं, लीलाबाई चाल के एक घर नंबर 1319 में आश्चर्यजनक रूप से 195 मतदाता दर्ज हैं।

महानगरपालिका के आंकड़े क्या कहते हैं?

महानगरपालिका के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2020 में 1,282 मौतें दर्ज हुई और 2021 से 2024 के बीच 4,047 मौतें हुई। इस प्रकार 2014 से 2024 तक 10 सालों में कुल मौतों का आंकड़ा 12,469 (अनुमानित) रहा है। इसके विपरीत, ECI ने इन दस वर्षों में मतदाता सूची से सिर्फ 3,117 नाम ही हटाए हैं।

गोटे का कहना है कि यह सीधा प्रमाण है कि 11 हजार से अधिक मृतक मतदाता सूची में बने रहे और चुनावों में 'वोट बैंक' की तरह इस्तेमाल होते रहे। गोटे ने आरोप लगाया है कि ECI की इस लापरवाही से लोकतंत्र की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है। पूर्व विधायक अनिल गोटे ने अपने दावों को मजबूत करने के लिए धुलिया महानगरपालिका के आधिकारिक मृत्यु पंजीकरण के आंकड़ों का हवाला दिया।

उद्धव गुट के नेता गोटे के अनुसार, 10 साल में 11 हजार से अधिक मृतक मतदाता सूची में बने रहे और 'वोट बैंक' की तरह इस्तेमाल होते रहे। उन्होंने यह भी बताया कि तीन महीनों में ही मतदाता संख्या 3।44 लाख से बढ़कर 3।64 लाख हो गई, जिसे उन्होंने 'सत्ता का गंदा खेल' बताया।

आगे की रणनीति

  • भंगार बाजार में 200 मतदाता और अनमोल नगर में 103 परिवार मतदाता के रूप में दर्ज हैं। सबसे गंभीर आरोप यह है कि पेठ नंबर 13 में 6 हजार नए नाम जोड़े गए हैं, लेकिन इस पेठ का कोई मतदान केंद्र ही नहीं है।
  • गोटे ने तीखे लहजे में सवाल उठाया, 'रिकॉर्ड में तो मुहर लगी, लेकिन असल में यह 'भूतों का नाच' है। क्या सत्ताधारी दल इस धांधली से जीत की कुर्सी हथिया रहे हैं?
  • गोटे ने बार-बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए ECI की भूमिका को 'संदिग्ध' बताया। ECI ने अब जांच का ढोंग रचते हुए जिला प्रशासन और महापालिका को सूची सुधारने को कहा है, लेकिन गोटे इसे महज खानापूरी और लीपापोती मान रहे हैं।
  • गोटे अब दिल्ली में इस पूरे घोटाले को चुनौती देने के लिए रिट पिटीशन दाखिल करने की तैयारी में हैं। उनकी सोधी और स्पष्ट मांग हैः 'लोकतंत्र बचाओ, दोषियों को सलाखों में डालो!

अनिल गोटे की मांगें

ECI द्वारा फर्जी मतदाताओं के इस घोटाले की उच्च स्तरीय और पारदर्शी जांच हो। दोषियों पर कार्रवाई इस धांधली में शामिल ECI अधिकारियों, जिला प्रशासन और BLOs पर आपराधिक प्रकरण दर्ज हो। बायोमेट्रिक प्रणाली मतदान के लिए बायोमेट्रिक प्रणाली लागू की जाए औ मतदाता सूची को आधार कार्ड से जोड़ा जाए, मृतकों के नाम हटें मृत मतदाताओं के नाम हटाए जाएं और 'भूतों क सत्ता समाप्त हो।

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