तुलजाभवानी मंदिर में वीआईपी एंट्री न मिलने पर पुलिसकर्मियों ने गार्ड को पीटा।
मारपीट में सुरक्षा गार्ड का सिर फटा, घटना का वीडियो तेजी से वायरल हुआ।
पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई न होने से श्रद्धालुओं और आम जनता में भारी आक्रोश है।
Police Beats Security Guard Viral Video Dharashiv: महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में स्थित प्रसिद्ध श्री तुलजाभवानी मंदिर में नवरात्रोत्सव के दौरान एक बेहद चौंकाने वाली और चिंताजनक घटना सामने आई है। मंदिर के मुख्य गर्भगृह में जाने वाले पीतल गेट से VIP प्रवेश न मिलने पर बंदोबस्त में तैनात 3 से 4 पुलिसकर्मियों ने आपा खो दिया और मंदिर संस्थान के सुरक्षा गार्ड पर हमला कर दिया।
इस बर्बर मारपीट में सुरक्षा गार्ड का सिर फट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शारदीय नवरात्रोत्सव के अवसर पर तुलजा भवानी मंदिर में देवी मां के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। भीड़ को नियंत्रित करने तथा सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंदिर परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया है।
मंदिर का दक्षिणमुखी पीतल गेट सीधे मुख्य गर्भगृह की ओर जाता है, जहां माता तुलजा भवानी की स्वयंभू मूर्ति विराजमान है। नवरात्रि के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा कारणों से इस गेट पर पाबंदियां रहती हैं और केवल निर्धारित नियमों के तहत ही प्रवेश दिया जाता है।
घटना के समय मंदिर संस्थान के सुरक्षा गार्ड संजय ननावरे पीतल गेट पर ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान कुछ पुलिसकर्मियों ने नियम तोड़कर इस गेट से मंदिर के भीतर जाने का प्रयास किया। जब सुरक्षा गार्ड संजय ननावरे ने नियमों का पालन करते हुए उन्हें रोकने की कोशिश की, तो पुलिसकर्मी आग बबूला हो उठे।
आरोप है कि 3 से 4 पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा गार्ड को पीटा और एक पुलिसकर्मी ने अपने हाथ में पहने कड़े से गार्ड के सिर पर वार कर दिया, जिससे सिर फट गया और रक्तस्राव होने लगा। घायल गार्ड को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इस हिंसक वारदात के बाद पीड़ित सुरक्षा गार्ड इंसाफ के लिए पुलिस थाने पहुंचा। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी खुद पुलिसकर्मी हैं, इसलिए स्थानीय पुलिस मामला दर्ज करने में टालमटोल कर रही है। मंदिर परिसर से मारपीट का वायरल वीडियो साक्ष्य के रूप में उपलब्ध होने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज न होने से पीड़ित ने निराशा व्यक्त की है। पुलिसकर्मियों की इस हरकत से श्रद्धालुओं और आम जनता में गहरा आक्रोश व्याप्त है।