Rohit Pawar Statement On Operation Tiger: महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने के बाद शुरू हुआ सियासी घमासान अब और उग्र हो गया है। इस 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के फायरब्रांड नेता और विधायक रोहित पवार ने अब तक का सबसे सनसनीखेज और बड़ा दावा किया है। धाराशिव में मीडिया से बातचीत करते हुए रोहित पवार ने आरोप लगाया कि बाजार में चल रही 50 करोड़ की चर्चा गलत है, बल्कि इन बागी सांसदों की खरीद-फरोख्त 80 से 90 करोड़ रुपये नकद में हुई है।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि पाला बदलने के इनाम के तौर पर इन सांसदों को उनके निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 250 करोड़ रुपये का भारी-भरकम विकास फंड भी मंजूर किया गया है।
ठाकरे गुट में हुई इस बड़ी बगावत के बाद राज्य में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना अब महायुती गठबंधन में बेहद मजबूत स्थिति में आ गई है, जिसके सांसदों की संख्या 7 से बढ़कर सीधे 13 हो गई है। इस दलबदल पर कड़ा प्रहार करते हुए रोहित पवार ने कहा, "सत्तारूढ़ दल इसे भले ही 'ऑपरेशन टाइगर' का नाम देकर अपनी पीठ थपथपा रहे हों, लेकिन असलियत यह है कि यह लोकतंत्र का चीरहरण और पूरी तरह से एक 'ऑपरेशन बाजार' है। परिसीमन और राजनीतिक दवाब का डर दिखाकर सांसदों को प्रलोभन दिया गया और करोड़ों की नकदी के दम पर लोकतंत्र की सरेआम नीलामी की गई है।"
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रोहित पवार ने केवल सांसदों की कीमत का ही दावा नहीं किया, बल्कि उन्होंने बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व और राज्य इकाई के बीच चल रही कथित खींचतान का भी पर्दाफाश किया। उन्होंने कहा, "फिलहाल दिल्ली (केंद्र) की बीजेपी और महाराष्ट्र की बीजेपी के बीच एक बड़ा आंतरिक विवाद और शीतयुद्ध चल रहा है। दिल्ली में बैठी बीजेपी की केंद्रीय लीडरशिप जहां एकनाथ शिंदे को मजबूत करने के लिए उनका पूरा समर्थन कर रही है, वहीं महाराष्ट्र में बीजेपी की कमान संभाल रहे देवेंद्र फडणवीस इस बात से खुश नहीं हैं। फडणवीस लगातार एकनाथ शिंदे के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए उनके रास्ते में राजनीतिक बाधाएं खड़ी कर रहे हैं।"
सदन में 'ऑपरेशन टाइगर' की सफलता के बाद राजनीतिक गलियारों में यह कयास लगाए जाने लगे थे कि क्या महायुती अब शरद पवार गुट के विधायकों और सांसदों को तोड़ने के लिए 'ऑपरेशन तुतारी' चलाएगी? इन चर्चाओं पर पूर्ण विराम लगाते हुए रोहित पवार ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा, "महायुती के नेता चाहे जितने मंसूबे पाल लें, लेकिन राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) का एक भी विधायक या सांसद अपनी निष्ठा नहीं बदलेगा। हमारे सभी नेता आदरणीय शरद पवार साहब के विचारों के साथ मजबूती से खड़े हैं। गद्दारी का शिकार वही होते हैं जो बिकने के लिए तैयार रहते हैं, हमारे पास सिर्फ सच्चे स्वाभिमानी और राष्ट्रवादी कार्यकर्ता बचे हैं।"