Tanaji Sawant Rahul Mote Controversy: महाराष्ट्र में सत्ताधारी महायुति (शिवसेना, भाजपा और एनसीपी) का शीर्ष नेतृत्व भले ही एकजुटता का दावा कर रहा हो, लेकिन धरातल पर स्थानीय नेताओं की आपसी रंजिश अब हिंसक मोड़ ले रही है। धाराशिव जिले के तेरखेड़ा इलाके में सोमवार की आधी रात को पूर्व मंत्री व शिवसेना विधायक तानाजी सावंत और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) नेता राहुल मोटे के समर्थकों के बीच खूनी संघर्ष हो गया।
दोनों पक्षों के बीच हुई भारी पत्थरबाजी और हिंसा में इनोवा, फॉर्च्यूनर और थार जैसी 10 से 12 लग्जरी गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ की गई, जिससे इलाके में भारी तनाव व्याप्त हो गया है।
उल्लेखनीय है कि तानाजी सावंत ने विधानसभा चुनाव में राहुल मोटे को हराकर विधायकी जीती थी, जिसके बाद से दोनों ही नेताओं और उनके कार्यकर्ताओं के बीच छिटपुट विवाद चलते रहे हैं।
हाल ही में संपन्न हुए जिला परिषद चुनावों में विधायक तानाजी सावंत के गुट को मिली जीत के बाद विवाद और गहरा गया। एनसीपी (राहुल मोटे गुट) का आरोप है कि सावंत समर्थक चुनावी जीत के बाद जश्न के नाम पर उन्माद फैला रहे थे, जिसके कारण यह विवाद हिंसा में बदल गया।
दूसरी ओर, शिवसेना (तानाजी सावंत गुट) के कार्यकर्ताओं ने एनसीपी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि विपक्षी खेमा विधानसभा और जिला परिषद में मिली लगातार हार को पचा नहीं पा रहा है। शिवसेना कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि राहुल मोटे के इशारे पर ही उनके खिलाफ माहौल बिगाड़ा जा रहा है।
तानाजी सावंत समर्थकों ने यह सनसनीखेज दावा भी किया कि एनसीपी कार्यकर्ताओं ने खुद ही अपनी गाड़ियों में तोड़फोड़ की और राजनीतिक सहानुभूति बटोरने के लिए शिवसेना पर झूठा आरोप मढ़ दिया।
दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ परस्पर विरोधाभासी दावे किए जाने के बाद धाराशिव पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेते हुए खुद शिकायतकर्ता बनने का फैसला किया।
पुलिस ने शांति व्यवस्था भंग करने, उपद्रव मचाने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए 45 लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। फिलहाल पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।