CM Devendra Fadnavis On Manoj Jarange Hunger Strike: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे आंदोलनकारी नेता मनोज जरांगे पाटिल ने आखिरकार गुरुवार को अपना अनशन खत्म कर दिया है। महाराष्ट्र सरकार के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ लंबी और विस्तृत बातचीत के बाद जरांगे ने अनशन खत्म करने का फैसला लिया। इस घटनाक्रम पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गहरा संतोष और राहत व्यक्त की है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने छत्रपति संभाजीनगर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार शुरू से ही मराठा आरक्षण के मुद्दे का समाधान शांतिपूर्ण और संवाद के माध्यम से निकालने के पक्ष में थी। उन्होंने कहा कि हमें बेहद खुशी और संतोष है कि मनोज जरांगे पाटिल ने अपना अनशन वापस ले लिया है। हमने और हमारी सरकार के प्रतिनिधियों ने उनसे लगातार स्वास्थ्य और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अनशन समाप्त करने का आग्रह किया था।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने अनशन वापसी के तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं को साझा करते हुए स्पष्ट किया कि मराठा समाज और मनोज जरांगे द्वारा रखी गई कुल 13 प्रमुख मांगों में से 12 मांगों को राज्य सरकार ने पूरी तरह से स्वीकार कर लिया है। उन्होंने बताया कि केवल एक मांग तकनीकी और कानूनी अड़चनों के कारण तुरंत पूरी नहीं की जा सकती थी, जिसकी विस्तृत जानकारी सरकारी प्रतिनिधिमंडल ने मनोज जरांगे को दे दी है और वे इस बात से संतुष्ट हैं।
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भरोसा दिलाया कि कैबिनेट सब-कमेटी ने जो वादे किए हैं, उन्हें सख्ती से पूरा किया जाएगा। राज्य सरकार इन वादों को लागू करने के लिए जरूरी बैठकें करेगी और प्रशासनिक कदम उठाएगी। उन्होंने मराठा समुदाय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि हमारे दरवाजे खुले हैं और दावा किया कि मराठा समुदाय के कल्याण के लिए जितने ठोस फैसले इस सरकार ने लिए हैं, उतने पहले किसी सरकार ने नहीं लिए।
सीएम फडणवीस ने इस आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से खत्म कराने में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल और विधायक प्रसाद लाड की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि आने वाले त्योहारों में कोई खलल डाले बिना आंदोलन खत्म हो गया।
बता दें कि आज यानी गुरुवार सुबह बीड जिले के पाटोदा में मनोज जरांगे ने सरकारी प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के बाद 20 दिन से चल रहा अनशन स्थगित करने का ऐलान किया। प्रतिनिधिमंडल में मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल, दादाजी भुसे, विधायक प्रसाद लाड, सुरेश धस और बीड के जिलाधिकारी शामिल थे।
बातचीत के बाद मनोज जरांगे पाटिल ने सरकार को सातारा गजट लागू करने के लिए 90 दिन यानी तीन महीने की मोहलत दी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने धोखा दिया तो वे मुंबई कूच करेंगे। अनशन स्थगित करने का ऐलान करते हुए उन्होंने साफ कहा कि आंदोलन जारी रहेगा और जब तक सफलता नहीं मिलती, लड़ाई नहीं रुकेगी। तीन महीने का अल्टीमेटम देते हुए उन्होंने कहा कि मराठा समुदाय को नाराज करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।