CM On Mahatma Phule Loan Waiver Scheme: महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन अंतिम सप्ताह प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष के आरोपों पर करारा पलटवार किया। मुख्यमंत्री ने राज्य की कानून-व्यवस्था से लेकर किसानों की कर्जमाफी और राजनीतिक हमलों पर विपक्ष को जम कर धोया और सरकार का पक्ष मजबूती से रखा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसानों के हित में एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि महात्मा फुले कर्जमाफी योजना के तहत पहले तय की गई 50 हजार रुपए की सीमा को बढ़ाकर अब 2 लाख रुपए तक कर दिया गया है।
इसके साथ ही सरकार ने प्रोत्साहन अनुदान प्राप्त करने के लिए वर्ष 2026-27 का फसल ऋण चुकाने की अनिवार्य शर्त को भी पूरी तरह से हटा दिया है। इस ऐतिहासिक फैसले से राज्य के उन लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, जिन्होंने पिछले तीन वर्षों में से कम से कम दो वर्ष अपने ऋण का नियमित भुगतान किया है।
इस महत्वपूर्ण निर्णय पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विपक्ष भले ही राजनीति करे, लेकिन महायुति सरकार ने हमेशा किसानों का साथ दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती तो इस कर्जमाफी के फैसले को वर्ष 2029 तक टाल सकती थी, क्योंकि सरकार सभी चुनाव जीत चुकी थी।
लेकिन किसानों को साहूकारों के चंगुल से बचाना और उन्हें संकट से बाहर निकालना सरकार की प्राथमिकता थी, इसलिए इस निर्णय को टाला नहीं गया। इस शर्त को हटाने से सरकार पर 5 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।
मिसिंग लिंक परियोजना को लेकर मनसे प्रमुख राज ठाकरे द्वारा मुख्यमंत्री के हिंदी में भाषण देने पर उठाए गए सवालों का देवेंद्र फडणवीस ने करारा जवाब दिया। उन्होंने तंज कसते हुए राज ठाकरे को 'मिमिक्री आर्टिस्ट' करार दिया और कहा कि यदि वे राजनीति के बजाय मिमिक्री के क्षेत्र में जाते, तो आज किसी भी स्टैंड-अप कॉमेडियन के लिए मार्केट नहीं बचता। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों को केवल 'सुपारी' लेकर राजनीति करने की आदत है, लेकिन वे ऐसी आलोचनाओं से डरने वाले नहीं हैं।
राज्य की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर बोलते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ किया कि अपराधियों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई गई है। उन्होंने विशेष रूप से जोर देकर कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सरकार के लिए सबसे अहम है और इसके लिए पुलिस बल को आधुनिक तकनीकों से लैस किया जा रहा है। विपक्ष द्वारा पुलिस के मनोबल को तोड़ने वाले बयानों पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलों में त्वरित जांच और कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
सत्र के दौरान विधान परिषद में सदन के नेता और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी विपक्ष को आड़े हाथों लिया। शरद पवार से हुई मुलाकात पर शिवसेना (ठाकरे गुट) द्वारा की जा रही राजनीति पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के पेट में बिना वजह मरोड़ उठ रही है।
उन्होंने शायरी के जरिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ अपनी अटूट दोस्ती को रेखांकित करते हुए कहा कि हमारी दोस्ती पानी की तरह साफ और गहरी है, जिसे कोई जुदा नहीं कर सकता। उन्होंने विपक्ष को पुलिस का मनोबल न तोड़ने की सलाह देते हुए साफ किया कि अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी और महिलाओं की सुरक्षा सरकार के लिए सबसे अहम है।
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