सीएम देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (कॉन्सेप्ट फोटो) 
महाराष्ट्र

कोंकण रेलवे का भारतीय रेलवे में होगा विलय, फडणवीस सरकार ने दिखाई हरी झंडी, जानें क्या होगा फायदा

मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने विधान परिषद में घोषणा की कि महाराष्ट्र सरकार कोंकण रेलवे निगम लिमिटेड (KRCL) के भारतीय रेलवे में विलय को अपनी मंजूरी देगी। उन्होंने कहा कि इस कदम से केआरसीएल को फायदा हाेगा।

आकाश मसने

मुंबई: लोकसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान भाजपा सांसद कोटा श्रीनिवास पुजारी ने कोंकण रेलवे के विलय के संबंध में प्रश्न पूछा था। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसका जवाब देते हुए कहा कि कोंकण रेलवे को यातायात सुरक्षा के लिए बड़े बदलाव की जरूरत है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड का बुनियादी ढांचा 25 साल से अधिक पुराना हो गया है, जिसके लिए यातायात की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिहाज से पूंजीगत परिसंपत्तियों के बड़े नवीनीकरण की आवश्यकता है।

अब महाराष्ट्र सरकार ने इसे लेकर बड़ा फैसला किया है। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने बुधवार को विधान परिषद में घोषणा की कि महाराष्ट्र सरकार कोंकण रेलवे निगम लिमिटेड (KRCL) के भारतीय रेलवे में विलय को अपनी मंजूरी देगी। उन्होंने कहा कि इस कदम से केआरसीएल को अपनी वित्तीय बाधाओं को दूर करने में मदद मिलेगी, जबकि इसका नाम ‘कोंकण रेलवे' बरकरार रहेगा।

केंद्र सरकार को बताएंगे अपना पक्ष

राज्य विधानमंडल के ऊपरी सदन में भाजपा के प्रवीण दरेकर के प्रश्न के उत्तर में फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र कोंकण रेलवे के विलय के लिए अपनी सहमति से केंद्र को अवगत कराएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे रेलवे ट्रैक का दोहरीकरण हो या भूस्खलन निरोधक उपाय करना हो, केआरसीएल धन की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ सका।

कोंकण रेलवे का नाम बरकरार रहेगा

सीएम फडणवीस कहा कि इस मुद्दे पर केंद्र सरकार के साथ कई बार चर्चा हुई और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने समाधान के तौर पर विलय का प्रस्ताव रखा। उन्होंने ने कहा कि केरल, कर्नाटक और गोवा ने पहले ही मंजूरी दे दी है। अपनी सहमति जताते हुए हमने केंद्र सरकार से कोंकण रेलवे का नाम बरकरार रखने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह अनुरोध स्वीकार कर लिया है। महाराष्ट्र की अन्य खबरें पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

लोकसभा के शीतकालीन सत्र में रेल मंत्री ने दिया था जवाब

बता दें कि लोकसभा के शीतकालीन सत्र के के दौरान रेल मंत्री ने कहा था कि बुनियादी ढांचे के प्रतिस्थापन के लिए बड़े पूंजीगत व्यय की आवश्यकता है। इसके लिए केआरसीएल के पांच शेयरधारकों- रेल मंत्रालय, महाराष्ट्र सरकार, कर्नाटक सरकार, गोवा सरकार और केरल सरकार से रेल मंत्रालय ने पूंजीगत व्यय में योगदान देने या मंत्रालय के पक्ष में अपना हिस्सा छोड़ने के लिए संपर्क किया है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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