दावोस में विश्व आर्थिक मंच की सालाना मीटिंग में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सौ. से सोशल मीडिया) 
महाराष्ट्र

नवी मुंबई में 'इनोवेशन सिटी' बनाना चाहते हैं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, दावोस में विश्व आर्थिक मंच के सकारात्मक रिएक्शन से दिखे

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि चर्चा प्रौद्योगिकी से लेकर वित्तीय प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में बदलाव पर केंद्रित रही। बैठक के दौरान कई सकारात्मक पहल देखने को मिली है।

विजय कुमार तिवारी

दावोस : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दावोस में विश्व आर्थिक मंच की सालाना मीटिंग में शामिल होने के दौरान कहा कि वह नवी मुंबई में ‘इनोवेशन सिटी' के लिए विभिन्न व्यवसायिक घरानों की राय हासिल करेंगे। साथ में कहा कि हमारे यहां विनिर्माण एक प्रमुख क्षेत्र है, जबकि प्रौद्योगिकी, डेटा सेंटर जैसे कई अन्य क्षेत्र हैं, जहां हम निवेश की उम्मीद कर रहे हैं। इसीलिए वह समग्र दृष्टिकोण के साथ यहां आकर अपनी ओर से पहल कर रहे हैं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य विनिर्माण से लेकर प्रौद्योगिकी, डेटा सेंटर, स्वास्थ्य सेवा से लेकर स्वच्छ ऊर्जा तक सभी क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए समग्र दृष्टिकोण से काम कर रहा है। फडणवीस विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक में हिस्सा लेने इस स्की रिसॉर्ट शहर पहुंचे भारतीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इस मौके पर समाचार एजेंसी के साथ बातचीत में कहा कि वह यहां कई ऐसी बैठकों में हिस्सा लेंगे जिससे राज्य में निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बोले- ‘‘मैंने अपनी दावोस यात्रा की शुरुआत विश्व आर्थिक मंच के संस्थापक एवं चेयरमैन क्लॉस श्वाब के साथ बैठक से की, जहां हमने विश्व आर्थिक मंच तथा महाराष्ट्र के बीच सहयोग पर चर्चा की।..मुझे उम्मीद है कि आने वाले दिन काफी व्यस्त रहेंगे। यहां डब्ल्यूईएफ सप्ताह के दौरान काफी फलदायक बैठकें होंगी।''

फडणवीस ने इस मौके पर महाराष्ट्र मंडप का भी उद्घाटन किया, जिसमें राज्य के कई संभावित तथा मौजूदा निवेशक शामिल होंगे। वह यहां दो भारतीय मंडपों में से एक के उद्घाटन के मौके पर भी मौजूद रहे। महाराष्ट्र में संभावित निवेश के लिए ध्यान देने योग्य क्षेत्रों के बारे में पूछे जाने पर फडणवीस ने कहा, ‘‘ मेरा मानना ​​है कि विनिर्माण एक प्रमुख क्षेत्र है, जबकि प्रौद्योगिकी, डेटा सेंटर तथा कई अन्य क्षेत्र हैं जहां हम निवेश की उम्मीद कर रहे हैं। मैं कह सकता हूं कि जब निवेश की बात आती है तो हम समग्र दृष्टिकोण के साथ यहां आए हैं।''

अन्य व्यापारिक नेताओं के अलावा, उन्होंने कॉग्निजेंट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रवि कुमार एस. से मुलाकात की और नागपुर, नासिक तथा छत्रपति संभाजी नगर में कंपनी के कार्यालय स्थापित करने के साथ ही मेडिसिटी, स्पोर्ट्स सिटी बनाने की योजना बनाने पर जोर दिया। भारत में विदेशी विश्वविद्यालयों के लिए प्रवेश द्वार बनने की महाराष्ट्र की क्षमता को भी उन्होंने रेखांकित किया।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि चर्चा प्रौद्योगिकी से लेकर वित्तीय प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में बदलाव पर केंद्रित रही। बैठक के दौरान कॉग्निजेंट प्रमुख ने महाराष्ट्र में कंपनी की उपस्थिति बढ़ाने में गहरी रुचि व्यक्त की। बैठक में राज्य के मंत्री उदय सामंत भी उपस्थित थे। फडणवीस ने एपी मोलर-माएर्स्क के सीईओ विन्सेंट क्लर्क से भी मुलाकात की और महाराष्ट्र के लॉजिस्टिक्स भविष्य तथा वधावन बंदरगाह को वैश्विक ‘ट्रांसशिपमेंट' केंद्र में बदलने के बारे में चर्चा की।

वहीं केपीएमजी इंडिया के सीईओ येजदी नागपुरेवाला के साथ बैठक में फडणवीस ने कौशल विकास, स्वच्छ भारत कार्यक्रम, डिजिटलीकरण, महाराष्ट्र नवाचार केंद्र और भारत की पहली तथा सबसे उन्नत ‘साइबर एनालिटिक्स एंड पुलिसिंग' पहल‘‘महासाइबर'' जैसे क्षेत्रों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह नवी मुंबई में ‘इनोवेशन सिटी' के लिए विभिन्न व्यावसायिक घरानों की राय हासिल करेंगे।

--एजेंसी इनपुट के साथ

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