Sambhajinagar Pond Drought Fishermen Assistance: राज्य के मछली पालन एवं बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने रविवार को कन्नड़ तहसील के शिवणाटाकली स्थित तालाब का निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय मछुआरों से संवाद कर उनकी समस्याएं और कठिनाइयां जानीं तथा सूखे की स्थिति में शासन की ओर से हरसंभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
राज्य में कम वर्षा के कारण उत्पन्न सूखे की स्थिति को देखते हुए मछली पालन विभाग से संबंधित तालाबों, जलाशयों तथा अन्य जल स्रोतों में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। इसी क्रम में मंत्री राणे ने शिवणाटाकली तालाब का निरीक्षण किया। कम वर्षा के कारण तालाब में पानी का स्तर घटकर 34 प्रतिशत रह गया है। इससे मछली उत्पादन प्रभावित होने की जानकारी निरीक्षण के दौरान सामने आई।
मंत्री राणे ने कहा कि सूखे के कारण मछुआरों को हुए नुकसान का आकलन कर आवश्यक अभिलेख तैयार किए जाएंगे तथा नियमों के अनुसार उचित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने मछुआरों से मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने का आह्वान किया। पात्र लाभार्थियों से योजना के लिए आवेदन प्रस्तुत करने को कहा।
मंत्री नितेश राणे ने महिला मछुआरा स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जाने वाले विभिन्न मछली उत्पादों को बेहतर और उचित बाजार उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के इन समूहों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार से जोड़ना जरूरी है, ताकि उन्हें उनकी मेहनत का उचित लाभ मिल सके।
इसके लिए संबंधित विभाग के माध्यम से आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। मंत्री ने महिला मछुआरों को उपलब्ध योजनाओं का लाभ लेने और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास करने की अपील भी की।
शिवणटाकली तालाब के निरीक्षण के दौरान विधायक संजना जाधव सहित मत्स्य विभाग और प्रशासन से जुड़े संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। इस मौके पर मछुआरा संस्थाओं के पदाधिकारियों ने भी हिस्सा लिया और स्थानीय स्तर पर मत्स्य व्यवसाय से जुड़ी जानकारी अधिकारियों के सामने रखी।
तालाब में जलस्तर कम होने से मछली उत्पादन पर पड़ रहे असर को लेकर भी चर्चा की गई। स्थानीय मछुआरों ने अपनी समस्याओं और आवश्यकताओं से मंत्री को अवगत कराया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने तालाब की मौजूदा स्थिति और मछुआरों से संबंधित मुद्दों की जानकारी ली। मंत्री ने समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।