

Pune Ketan Agrawal Case Accused Chetan Chaudhary: रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में जांच के दौरान एक अहम गवाह के सामने आने से केस में नया मोड़ आया है। पुलिस के अनुसार, गवाह ने दावा किया है कि उसने आरोपी चेतन चौधरी को केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले की चट्टान से धक्का देते हुए देखा था।
यह दावा पुलिस द्वारा दाखिल की गई 5,053 पन्नों की चार्जशीट और मामले में सामने आए गवाहों के बयानों के बीच आया है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में कई गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एक गवाह ने घटना के कुछ दिन बाद जांचकर्ताओं से संपर्क किया और अपना बयान दर्ज कराया। उसके अनुसार, वह अपने दोस्त के परिवार के साथ लोहागढ़ घूमने गया था। इसी दौरान उसने केतन अग्रवाल, उनकी मंगेतर सिया गोयल और चेतन चौधरी को वहां देखा।
गवाह ने कथित तौर पर बताया कि चौधरी दोनों का पीछा कर रहा था। गर्मी के बावजूद हुडी पहने होने के कारण उसका ध्यान चौधरी की ओर गया था। बाद में उसने कथित तौर पर चौधरी को केतन की ओर जाते और उसे चट्टान की तरफ धक्का देते देखा।
गवाह ने पुलिस को दिए बयान में कथित तौर पर यह भी कहा कि घटना के बाद उसने चौधरी से इस बारे में सवाल किया था। आरोप है कि चौधरी ने उसे चुप रहने की चेतावनी दी और किले से नीचे फेंकने की धमकी दी।
जांच में सामने आए एक अन्य बयान में भी लोहागढ़ की यात्रा के दौरान चौधरी से मुलाकात का जिक्र है। पुणे पुलिस के अनुसार, मामले में अब तक तीन प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान सामने आए हैं, जिन्होंने घटनास्थल पर आरोपियों की मौजूदगी और गतिविधियों के बारे में जानकारी दी है।
पुणे ग्रामीण पुलिस ने मामले में वडगांव मावल अदालत में 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इसमें सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने कथित तौर पर मोबाइल फोन, चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया है।
रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में बड़ी मात्रा में तकनीकी डेटा का विश्लेषण किया है। चार्जशीट में पुलिस ने आरोप लगाया है कि केतन की मौत दुर्घटना नहीं बल्कि कथित साजिश का परिणाम थी। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।