एमपीएससी अभ्यर्थी प्रदर्शन  (सोर्सः सोशल मीडिया)
छत्रपति संभाजीनगर

MPSC पेपर लीक के खिलाफ संभाजीनगर में अभ्यर्थियों का आक्रोश मार्च, रोहित पवार ने की अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग

MPSC Students Protest: एमपीएससी पेपर लीक के विरोध में छत्रपती संभाजीनगर में अभ्यर्थियों ने लगातार तीसरे दिन आक्रोश मार्च निकाला। छात्रों ने निष्पक्ष जांच और आयोग के अध्यक्ष को हटाने की मांग की।

शफीउल्ला हुसैनी, आंचल लोखंडे

Chhatrapati Sambhajinagar MPSC Protest: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग की परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने के मामले को लेकर छत्रपती संभाजीनगर में अभ्यर्थियों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में एमपीएससी अभ्यर्थियों ने सड़क पर उतरकर आक्रोश मार्च निकाला। यह आंदोलन लगातार तीसरे दिन हुआ।

अभ्यर्थियों ने आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने, प्रश्नपत्र लीक मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और आयोग के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की मांग की। विधायक रोहित पवार ने भी आंदोलन में शामिल होकर अभ्यर्थियों की मांगों का समर्थन किया।

गंभीर खामियां आई सामने

औषधि निरीक्षक पद की भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद से ही एमपीएससी अभ्यर्थियों में नाराजगी है। प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि जांच में होने के बाद आयोग ने संबंधित भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी थी। अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में कई वर्ष लगाने वाले विद्यार्थियों के भविष्य के साथ इस तरह की घटनाएं गंभीर अन्याय हैं। उनका आरोप है कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और प्रश्नपत्र की सुरक्षा को लेकर गंभीर खामियां सामने आई हैं।

प्रश्नपत्र लीक से बढ़ा आक्रोश

अभ्यर्थियों ने केवल औषधि निरीक्षक परीक्षा की जांच तक मामला सीमित रखने के बजाय पिछले वर्षों में आयोजित संदिग्ध परीक्षाओं की भी स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्र तक उसकी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की गई है।

अध्यक्ष और सचिव को हटाने की मांग

आंदोलनकारी अभ्यर्थियों ने आयोग के अध्यक्ष और सचिव को पद से हटाने की मांग की। उनका कहना है कि आयोग पर विद्यार्थियों का भरोसा बनाए रखने के लिए जिम्मेदारी तय करना जरूरी है। दोषियों पर कार्रवाई के साथ परीक्षा प्रक्रिया में स्थायी सुधार किया जाना चाहिए। इससे पहले भी शहर में अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया था। विद्यार्थियों का कहना है कि आश्वासन के बजाय अब सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे। परीक्षा प्रक्रिया में बार-बार सामने आ रही गड़बड़ियों के कारण मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।

MPSC अभ्यर्थी प्रदर्शन

रोहित पवार ने भी उठाए सवाल

आंदोलन में शामिल रोहित पवार ने पत्रकारों से बातचीत में एमपीएससी अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भीमनवार का इस्तीफा लेना चाहिए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो समाज में यह संदेश जाएगा कि उन्हें सरकार का संरक्षण प्राप्त है। पवार ने कहा कि भीमनवार के खिलाफ पहले शिकायतें की गई थीं तो उनकी जांच और कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

पवार ने कहा कि एमपीएससी अध्यक्ष के पद के लिए कुछ निश्चित पात्रता और शर्तें हैं। उनके अनुसार उन्होंने इन शर्तों की जांच की है और पूर्व प्रशासनिक अधिकारी तुकाराम मुंढे इन शर्तों के तहत अध्यक्ष पद के लिए पात्र हो सकते हैं। इसलिए सरकार को तुकाराम मुंढे को एमपीएससी अध्यक्ष बनाने पर विचार करना चाहिए।

MPSC अभ्यर्थी प्रदर्शन

भीमनवार के खिलाफ दूसरे चरण के प्रमाण लाने का दावा

रोहित पवार ने कहा कि भीमनवार के खिलाफ उनके पास और भी जानकारी है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही ‘प्रमाणों का दूसरा चरण’ सामने लाया जाएगा। उन्होंने भीमनवार के परिवहन विभाग में कार्यकाल के दौरान सामने आई शिकायतों और कथित अनियमितताओं का भी उल्लेख किया। पवार ने सवाल उठाया कि यदि उनके खिलाफ पहले से शिकायतें मौजूद हैं तो उनकी जांच क्यों नहीं कराई जा रही। हालांकि, भीमनवार की ओर से इन आरोपों को खारिज किया गया है। उनका कहना है कि औषधि निरीक्षक परीक्षा से जुड़ी घटना उनके एमपीएससी अध्यक्ष बनने से पहले की है। इसलिए मामले में उनकी व्यक्तिगत भूमिका का प्रश्न नहीं उठता।

सत्तारूढ़ विधायकों को आंदोलन में शामिल होने की चुनौती

पवार ने भारतीय जनता पार्टी के विधायक विक्रम पाचपुते द्वारा एमपीएससी की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों से मुलाकात का भी उल्लेख किया। उन्होंने सत्तारूढ़ दल के विधायकों से केवल विद्यार्थियों से बातचीत करने के बजाय उनके साथ आंदोलन में बैठने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थियों की मांगें उचित हैं तो सत्ता पक्ष के प्रतिनिधियों को भी उनके साथ खड़ा होना चाहिए। पवार ने यह भी कहा कि विद्यार्थियों का यह मुद्दा उनके भविष्य से जुड़ा है और वह इस लड़ाई को अंत तक जारी रखेंगे। उन्होंने शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से आंदोलन करने की बात कही। साथ ही कहा कि जरूरत पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया जा सकता है।

सरकार की कार्रवाई पर नजर

प्रश्नपत्र लीक मामले में सरकार की ओर से विशेष जांच दल से जांच कराने की घोषणा की जा चुकी है। परीक्षा व्यवस्था की दोबारा जांच और अन्य सुधारों को लेकर भी सरकार की ओर से कदम उठाए जा रहे हैं। इसके बावजूद अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक जिम्मेदारी तय कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती और आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता नहीं आती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

लगातार तीसरे दिन सड़क पर उतरे अभ्यर्थियों के आंदोलन से स्पष्ट है कि एमपीएससी परीक्षा व्यवस्था को लेकर विद्यार्थियों का असंतोष गहरा गया है। अब सरकार और आयोग की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर है। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर ठोस निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

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