246 Tankers Supply 142 Villages 91 Hamlets: छत्रपति संभाजीनगर, इंद्रदेव के मुंह मोड़ने से बारिश का लंबा खंड पड़ने के चलते मराठवाड़ा में बेहद दयनीय स्थिति बन गई है। कई गांवों में पानी के लिए त्राहि-त्राहि की स्थिति बनी हुई है व टैंकरों से पानी पहुंचाने की नौबत आ गई है।
हालात इतने गंभीर हैं कि संभाग के 142 गांवों और 91 बस्तियां 246 टैंकरों पर आश्रित हैं। यदि बारिश का खंड और बढ़ा, तो टैंकरों की संख्या में और वृद्धि होने की प्रबल आशंका बनी हुई है।संतोषप्रद बात यह है कि परभणी, हिंगोली, नांदेड और लातूर ये चार जिले फिलहाल टैंकर मुक्त हैं।
इसके चलते आंशिक ही सही वहां के नागरिकों को राहत मिली है। यदि झमाझम बारिश नहीं हुई, तो वह दिन दूर नहीं जब उक्त चारों जिलों के लोगों को भी पानी के लिए दर-दर भटकने की नौबत आएगी। वैसे यह स्थिति न आए यह मुराद वहां के लोग कर रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस वर्ष मराठवाड़ा में मानसून के समय पर दाखिल नहीं होने से जून व जुलाई के अंत तक संभाग में 400 से अधिक टैंकरों से जलापूर्ति से प्यास बुझाई जा रही थी। हालांकि, जुलाई के अंतिम चार-पांच दिनों व अगस्त के पहले सप्ताह में संतोषजनक मेघ बरसे। इसके बाद इंद्रदेव रूठ गए और बारिश ने फिर से दगा दे दिया।
सितंबर का तीसरा सप्ताह बीतने के बावजूद पर्याप्त वर्षां नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों में जलसंकट की स्थिति दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। छत्रपति संभाजीनगर जिले के 66 गांवों और 14 बस्तियों में 96 टैंकरों से नागरिकों की प्यास बुझाई जा रही है। जालना जिले के 12 गांवों और 9 बस्तियों में 22 टैंकर, बीड़ जिले के 58 गांवों और 68 बस्तिसों में सर्वाधिक 120 टैंकर शुरू हैं।
जहां तक धाराशिव जिले का सवाल है वहां 6 गांवों में 8 टैंकर नागरिकों का सहारा बने हुए हैं। जून-जुलाई में में 21 सरकारी, 392 निजी, कुल 413 टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही थी। जुलाई के अंत और अगस्त के पहले सप्ताह में हुई संतोषजनक बारिश के बाद टैंकरों की संख्या घटकर 96 रह गई थी।
तदुपरांत बारिश में लगातार खंड पड़ने से टैंकरों की संख्या फिर दिन-ब-दिन बढ़ने लगी है।प्रशासनिक रिपोर्ट देखने पर पता चलता है कि 22 सितंबर तक संभाग के 142 गांवों और 91 बस्तियों में 246 टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही है। इसके लिए 512 कुएं अधिग्रहीत किए गए हैं। वहीं, परभणी, हिंगोली, नांदेड और लातूर ये चार जिले फिलहाल टैंकर मुक्त हैं।