Maharashtra Govt Exam Reforms: महाराष्ट्र में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण, विश्वसनीय और समयबद्ध बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। राज्य सरकार द्वारा गठित भर्ती परीक्षा उच्चस्तरीय टास्क फोर्स की अध्यक्षा एवं सामान्य प्रशासन विभाग की अपर मुख्य सचिव वी. राधा ने जानकारी दी कि समिति परीक्षा प्रक्रिया में व्यापक सुधार के लिए सरकार को अध्ययनपूर्ण सिफारिशें प्रस्तुत करेगी।
ये सिफारिशें परीक्षा समयसारणी, प्रश्नपत्रों के स्तर, परीक्षा केंद्रों के मानकों, पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण, उत्तरपुस्तिकाओं की जांच, अंक सामान्यीकरण, परिणाम, अदालती मामलों और नियुक्ति प्रक्रिया जैसे विभिन्न पहलुओं का गहन अध्ययन करके तैयार की जा रही हैं।
अपर मुख्य सचिव वी. राधा छत्रपति संभाजीनगर संभाग के अभ्यर्थियों और छात्रों के साथ स्मार्ट सिटी कार्यालय में संवाद करने के बाद आयोजित एक पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रही थीं। इस अवसर पर समिति के सदस्य एवं पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते, सदस्य सचिव एवं पशुपालन व मत्स्य विकास विभाग के सचिव डॉ. एन. रामास्वामी, तथा नाशिक संभाग के विभागीय आयुक्त प्रवीण गेडाम भी विशेष रूप से उपस्थित थे।
वी. राधा ने बताया कि समिति ने अब तक पुणे में लगभग 600, नागपुर में 350 और अमरावती में 800 अभ्यर्थियों सहित कुल 1,750 से अधिक विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद किया है। इसके अतिरिक्त, समिति को अब तक 20,000 से अधिक ईमेल प्राप्त हुए हैं और 1,400 से अधिक लोगों ने प्रत्यक्ष उपस्थित होकर अपने ज्ञापन व सुझाव सौंपे हैं। छात्रों की सबसे प्रमुख मांग यह है कि प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू का एक निश्चित एवं पूर्वनिर्धारित समयसारणी होना चाहिए।
परीक्षार्थियों ने समिति के समक्ष कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे हैं। इनमें परीक्षा पैटर्न में निरंतरता बनाए रखने, किसी भी बदलाव की स्थिति में अभ्यर्थियों को पर्याप्त समय देने, Single Registration और शुल्क प्रणाली लागू करने, तथा प्रश्नपत्र की गुणवत्ता व Answer Key में पूर्ण पारदर्शिता बरतने की मांग शामिल है।
इसके साथ ही, परीक्षा चाहे ऑनलाइन हो या ऑफलाइन, धांधली व अनुचित साधनों को रोकने के लिए एक अभेद्य और सुरक्षित व्यवस्था बनाने पर जोर दिया गया है। प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं को रोकने के लिए अन्य राज्यों और UPSC की परीक्षा पद्धतियों का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।
इसके अलावा, विभिन्न सत्रों में आयोजित होने वाली परीक्षाओं के अंक सामान्यीकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए संबंधित विशेषज्ञ संस्थाओं की पद्धतियों का भी अध्ययन किया जा रहा है।
यदि किसी अपरिहार्य कारणवश परीक्षा रद्द करने की स्थिति बनती है, तो इसके लिए एक स्पष्ट SOP होगी ताकि चयनित अभ्यर्थियों के हितों को सुरक्षित रखा जा सके। परीक्षा में विलंब होने के कारण एज लिमिट से बाहर होने वाले अभ्यर्थियों के नुकसान की भरपाई पर भी विचार किया जा रहा है।
बैठक में पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते ने कहा कि छात्रों द्वारा दिए गए सभी सुझावों का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण किया जा रहा है और MPSC को अधिक सक्षम व पारदर्शी बनाने के लिए सिफारिशें तैयार की जाएंगी। वहीं, डॉ. एन. रामास्वामी ने परीक्षा केंद्रों की न्यूनतम गुणवत्ता, पर्यवेक्षकों की ट्रेनिंग, डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल तथा परीक्षा केंद्रों के सुरक्षा ऑडिट पर बल दिया। विभागीय आयुक्त प्रवीण गेडाम ने स्पष्ट किया कि CBT एवं ऑफलाइन दोनों पद्धतियों का निष्पक्ष मूल्यांकन किया जा रहा है।
आगामी सरकारी भर्ती परीक्षाओं के लिए राज्य भर से लगभग 12 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है, जिसको देखते हुए आवश्यक बुनियादी ढांचे और मैनपावर का व्यापक जायजा लिया जा रहा है।
वी. राधा ने बताया कि समिति का संभागवार दौरा 30 सितंबर तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद अगले तीन महीनों के भीतर समिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। इस रिपोर्ट के माध्यम से राज्य की भर्ती परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय, कुशल और पूरी तरह से छात्रकेंद्रित बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा।