गणेशोत्सव की परंपराएं होंगी डिजिटल (सोर्स: AI)
छत्रपति संभाजीनगर

गणेशोत्सव की विरासत अब पहुंचेगी विश्व पटल पर, UNESCO मान्यता की दिशा में महाराष्ट्र का बड़ा कदम

Maharashtra Ganeshotsav Digital Heritage: महाराष्ट्र के गणेशोत्सव की पूजा, लोककला, सामाजिक और पर्यावरणीय परंपराओं का Bappa.org पर डिजिटल दस्तावेजीकरण होगा, UNESCO मान्यता की दिशा में प्रयास।

शफीउल्ला हुसैनी, आलोक उमाकृष्ण

Digital Heritage UNESCO Recognition Campaign: छत्रपति संभाजीनगर। महाराष्ट्र के गणेशोत्सव की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को विश्व पटल पर पहुंचाने के लिए व्यापक डिजिटल दस्तावेजीकरण अभियान चलाया जा रहा है।

विभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत ने नागरिकों और गणेश मंडलों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता का आह्वान करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के गणेशोत्सव की पूजा-पद्धति, लोककला, सजावट, सामाजिक सहभागिता और पर्यावरण संरक्षण जैसे विविध पहलुओं को डिजिटल रूप में दर्ज करना जरूरी है।

गणेशोत्सव को राज्य महोत्सव का दर्जा मिलने के बाद अब यूनेस्को सहित वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

Bappa.org पर दर्ज होगी सांस्कृतिक विरासत

सांस्कृतिक कार्य विभाग के अधीन पुरातत्व संचालनालय की ओर से Bappa.org संकेतस्थल के माध्यम से गणेशोत्सव की परंपराओं का दस्तावेजीकरण किया जा रहा है। नागरिक अपने घरों और सार्वजनिक गणेश मंडलों में होने वाली पूजा, सजावट, गणेश प्रतिमाओं, पारंपरिक खाद्य पदार्थों, लोककला तथा सामाजिक एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े उपक्रमों के छायाचित्र और वीडियो संकेतस्थल पर अपलोड कर सकेंगे।

राज्य के 35 से अधिक ऐतिहासिक शहरों के साथ देशभर में गणेशोत्सव से जुड़ी परंपराओं की जानकारी भी संकलित की जाएगी। अभियान में भाग लेने वाले नागरिकों को ‘डिजिटल सांस्कृतिक संवर्धक’ प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।

सामाजिक उपक्रम भी होंगे दस्तावेज का हिस्सा

गणेशोत्सव के दौरान होने वाले समाजोपयोगी कार्यों को भी इस अभियान में शामिल किया गया है। कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, सार्वजनिक सुरक्षा, महिला एवं बाल सुरक्षा, सामाजिक सद्भाव, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान और नशामुक्ति जैसे उपक्रमों की जानकारी भी दर्ज की जाएगी।

पुलिस विभाग को समाजमाध्यमों के माध्यम से अभियान का प्रचार करने के निर्देश दिए गए हैं। यातायात नियंत्रण कक्ष, महत्वपूर्ण स्थानों और गणेश मंडलों के आसपास ‘बाप्पा डॉट ओआरजी’ का क्यूआर कोड उपलब्ध कराया जाएगा।

गणेश मंडलों की होगी अहम भूमिका

गणेश मंडलों से नागरिकों को अभियान से जोड़ने की अपील की गई है। मंडलों द्वारा आयोजित सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरण संरक्षण संबंधी गतिविधियों के छायाचित्र और वीडियो संकलित किए जाएंगे।

पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के नागरिकों के साथ सकारात्मक संवाद तथा सामाजिक सहभागिता की गतिविधियों को भी दस्तावेजीकरण में शामिल किया जाएगा। अभियान के लिए ईफ्लैग संस्था तकनीकी सहयोग कर रही है।

आठ जिलों में नोडल अधिकारी

मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देशानुसार छत्रपति संभाजीनगर विभाग के आठों जिलों के जिलाधिकारी तथा महानगरपालिका प्रशासन नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करेंगे। ये अधिकारी अभियान की नियमित समीक्षा करेंगे। सभी विभागों को समन्वय से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

जी. श्रीकांत ने कहा कि महाराष्ट्र के गणेशोत्सव की सुरक्षित, अनुशासित, सामाजिक रूप से सकारात्मक और समावेशी छवि राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने के लिए प्रशासन के साथ नागरिकों और गणेश मंडलों की सहभागिता जरूरी है।

लोकसंवाद से योजनाओं का प्रचार

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से गणेशोत्सव के दौरान शासकीय योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए ‘लोकसंवाद’ उपक्रम चलाया जा रहा है। विभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत ने सभी शासकीय विभागों के अधिकारियों से इसमें सक्रिय सहयोग करते हुए प्रत्यक्ष सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया है।

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