Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Corporation: छत्रपति संभाजीनगर के जकात नाका से रोशनगेट रोड पर मदनी चौक में दो दिन पहले 32 वर्षीय फरेस बिन अब्दुल अजिज अलकसेरी की हत्या के बाद महानगरपालिका प्रशासन ने घंटागाड़ी कर्मचारियों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। मंगलवार को मनपा के घनकचरा विभाग ने शहर में कचरा संकलन का काम करने वाली निजी कंपनी को निर्देश जारी कर सभी कर्मचारियों के वैद्यकीय प्रमाणपत्र और पुलिस सत्यापन प्रमाणपत्र एक माह के भीतर मनपा में जमा करना अनिवार्य कर दिया है।
मनपा के घनकचरा विभाग के उपायुक्त नंदकिशोर भोंबे ने वेस्टर्न इमॅजिनरी कंपनी को आदेश जारी किए हैं। कंपनी की ओर से शहर में कचरा संग्रहण के लिए मैनेजर, सुपरवाइजर, चालक, हेल्पर और जनजागृति कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं। इन सभी कर्मचारियों का मेडिकल प्रमाणपत्र और चरित्र प्रमाणपत्र निर्धारित अवधि में मनपा को सौंपना होगा।
इसके साथ ही घंटागाड़ियों समेत कंपनी के सभी वाहनों में स्पीड लॉक प्रणाली लागू करने का निर्देश दिया गया है। चालकों को निर्धारित गति सीमा में ही वाहन चलाने के आदेश देने को कहा गया है। तेज गति से घंटागाड़ी या अन्य भारी वाहन चलाते पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
कचरा संकलन के साथ नागरिकों में घनकचरे के प्रति जनजागृति के लिए घंटागाड़ियों पर जिंगल बजाई जाती है। मनपा ने स्पष्ट किया है कि जिंगल की आवाज निर्धारित डेसीबल सीमा से अधिक नहीं होनी चाहिए। इससे ध्वनि प्रदूषण न हो, इसका विशेष ध्यान रखने के निर्देश भी कंपनी को दिए गए हैं। शहर में कचरा संकलन के लिए निजी कंपनी के करीब 550 वाहन संचालित हैं, जबकि लगभग 2100 कर्मचारी इस व्यवस्था में कार्यरत हैं। हत्या की घटना के बाद मनपा ने इन कर्मचारियों और वाहनों की व्यवस्था को लेकर निगरानी और नियमों के पालन पर विशेष जोर दिया है।