नागपुर मनपा में कचरा संकलन महाघोटाला: डीपीसी बैठक में गूंजा मुद्दा, ठेकेदारों और अफसरों पर कार्रवाई की मांग

Garbage Scam Allegations: नागपुर डीपीसी बैठक में नगर रचना विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। विधायक विकास ठाकरे ने कचरा प्रबंधन में कथित अनियमितताओं व ठेकेदारों को मिले बार-बार विस्तार पर कार्रवाई की।
Massive garbage collection scam in Nagpur Municipal Corporation: Issue raised at DPC meeting; demands for action against contractors and officials.
नागपुर डीपीसी बैठक, कचरा प्रबंधन,(सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
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Nagpur Waste Management Scam: नागपुर में सोमवार को हुई डीपीसी की बैठक में जहां पालक मंत्री ने मनपा के नगर रचना विभाग में लापरवाह कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए। वहीं महानगरपालिका में कचरा संकलन कम्पनियों महाघोटाले के पर विधायक विकास ठाकरे की ओर से कड़ा प्रहार किया गया।

कचरा घोटाले पर विकास ठाकरे का हमला

कचरा प्रबंधन महाघोटाले का भंडाफोड़ करते हुए विकास ठाकरे ने कचरा प्रबंधन का जिम्मा संभालने वाली कंपनियों 'AG Enviro' और 'BVG India' के साथ-साथ उन्हें संरक्षण देने वाले भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

बैठक में उन्होंने आरोप लगाया कि नवंबर 2019 से नवंबर 2024 की अवधि के दौरान खराब प्रदर्शन, अनुबंध के उल्लंघन और कई अनियमितताओं के बावजूद इन दोनों ठेकेदारों को बार-बार अवधि विस्तार दिया गया। इसी विस्तार का फायदा उठाकर अब नए तरीके से आर्थिक लूट को अंजाम दिया जा रहा है।

ठेका शर्तों का उल्लंघन और मजदूरों की अवैध नियुक्ति

विधायक ठाकरे ने बैठक में खुलासा किया कि अनुबंध की शर्तों और श्रम कानूनों के अनुसार नियमित कामगारों की नियुक्ति करना अनिवार्य है। इसके बावजूद दोनों ठेकेदार ऑटो-टिपर, जेसीबी, कंटेनर और कचरा ट्रांसफर स्टेशनों पर भारी संख्या में 'ठिया मजदूरों से अवैध रूप से काम करवा रहे हैं।

यह अनुबंध और श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन है, लेकिन मनपा के संबंधित अधिकारियों ने टेकेदारों पर कोई कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण दिया है, ठाकरे ने एक और चौकाने वाला मामला उजागर करते हुए बताया कि ठेकेदार एक ही कचरे का 2 बार वजन करवाकर मनपा को आर्थिक चूना लगा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि शाम के समय कुछ कचरा परिवहन कंटेनरों का भांडेवाड़ी डंपिंग यार्ड के वजन कोटे पर वजन किया जाता है लेकिन इसके बाद कचरे को डंपिंग यार्ड में डालने के बजाय पास के ही पार्किंग यार्ड में उतार दिया जाता है।

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