Chhatrapati Sambhajinagar Lightning Strike Incident: मराठवाडा मुक्ति संग्राम दिवस के अवसर पर छत्रपति संभाजीनगर जिले में हुई भारी बारिश कई परिवारों के लिए भारी आफत लेकर आई। कन्नड़ तहसील के पिशोर के निकट नादरपुर फाटा और सिल्लोड़ तहसील के दहिगांव में हुई दो अलग-अलग दर्दनाक घटनाओं में आकाशीय बिजली गिरने से एक ही परिवार की तीन महिलाओं और एक दंपति सहित कुल पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। इन हृदय विदारक घटनाओं से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है और पीड़ित परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
पहली घटना कन्नड़ तहसील के नादरपुर फाटे के पास हुई, जहां कुछ महिलाएं खेत में कृषि कार्य कर रही थीं। अचानक तेज मेघ गर्जना के साथ शुरू हुई बारिश के दौरान उन पर बिजली गिर गई। इस हादसे में तसलीम बी। मुख्तार सैयद, फरजाना हमीद सैयद और अल्वीरा हमीद सैयद की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और सभी घायलों को पिशोर ग्रामीण अस्पताल पहुंचाया गया। स्थिति अधिक गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें छत्रपति संभाजीनगर के घाटी अस्पताल में रेफर कर दिया। इस दुखद घटना के बाद पिशोर पुलिस थाने में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया है।
दूसरी दर्दनाक घटना सिल्लोड़ तहसील के दहीगांव स्थित खेत गट नंबर 42 में घटी। यहां खेतों में उड़द और मूंग की फसल की कटाई का काम चल रहा था। अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू होने पर मनोहर भिवसन दुधे और उनकी पत्नी पर्वताबाई दुधे ने अपने बेटे पंढरीनाथ के साथ खेत में बनी एक झोपड़ी में शरण ली। उसी दौरान झोपड़ी पर आकाशीय बिजली गिर गई, जिससे बुजुर्ग दंपति की मौके पर ही मौत हो गई।
आकाशीय बिजली की चपेट में आने से बुजुर्ग दंपति का बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल बेटे को तुरंत सिल्लोड़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
छत्रपति संभाजीनगर में लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों और नागरिकों के लिए यह सौगात दुखद साबित हुई। इस प्राकृतिक आपदा के बाद पूर्व विधायक हर्षवर्धन जाधव ने शासन से मृतकों के परिजनों को तत्काल 5-5 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता देने की पुरजोर मांग की है। राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।