कुणाल के परिवार को लेकर मौसी का बड़ा खुलासा सोर्स: AI
छत्रपति संभाजीनगर

मोबाइल नहीं, पिता को घर लाने की जिद बनी मौत की वजह? खवड्या पहाड़ी हादसे पर कुणाल की मौसी का बड़ा खुलासा

Kunal Chandgude News: छत्रपति संभाजीनगर की खवड्या पहाड़ी हादसे में नया मोड़ आया है। मृतक कुणाल की मौसी ने मोबाइल विवाद की खबरों को खारिज करते हुए पारिवारिक वजहों से जुड़ा बड़ा खुलासा किया है।

आकाश मसने

Kunal Chandgude Mausi Disclosure: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित तिसगांव इलाके की खवड्या पहाड़ी पर 21 अगस्त को हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था। इस घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों मुरलीधर चांदगुडे, उनकी पत्नी संगीता चांदगुडे और बेटे कुणाल चांदगुडे की पहाड़ी से गिरने के कारण मौत हो गई थी। शुरुआत में इस घटना के पीछे मोबाइल फोन को लेकर हुआ विवाद बताया जा रहा था। हालांकि, अब इस मामले में मृतक कुणाल की मौसी कल्याणी दाभाडे का एक बड़ा बयान सामने आया है, जिसने इस पूरे घटनाक्रम को एक नया मोड़ दे दिया है।

कुणाल चांदगुडे को लेकर उसकी मौसी ने दावा किया है कि उसका आत्महत्या करने का इरादा नहीं था। वह केवल अपने पिता को भावुक कर उन्हें घर वापस लौटने के लिए मनाना चाहता था। मौसी ने घटना को मोबाइल फोन से जोड़कर सामने आई खबरों को भी खारिज किया है।

क्या बोलीं कुणाल की मौसी कल्याणी दाभाडे?

कुणाल की मौसी कल्याणी दाभाडे ने मीडिया में चल रही उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि कुणाल ने मोबाइल फोन न मिलने की नाराजगी में यह कदम उठाया। कल्याणी ने कहा कि कुणाल के पास पढ़ाई के लिए फोन था और उसकी मां के पास भी मोबाइल था। अगर कुणाल को आईफोन चाहिए होता तो वह 20-25 हजार रुपये में पुराना फोन खरीद सकता था। इसलिए घटना की वजह मोबाइल फोन को बताना सही नहीं है।

पिता को घर वापस लाने की जिद पर अड़ा था कुणाल

कुणाल चांदगुडे की मौसी कल्याणी दाभाडे ने कहा कि कुणाल अपने माता-पिता के बीच चल रहे तनाव और गलतफहमियों से परेशान था। किशोरवय होने के कारण संभवत: वह परिवार की परिस्थितियों की जटिलता को पूरी तरह समझ नहीं पाया और लगातार अपने पिता को घर वापस लाने की कोशिश करता रहा। कुणाल चाहता था कि उसके पिता घर वापस आ जाएं। मुझे नहीं लगता कि वह आत्महत्या करना चाहता था। वह अपने पिता को भावुक करके उन्हें घर लौटने के लिए मनाना चाहता था।

पिता से घर लौटने की करता था अपील

कल्याणी दाभाडे के मुताबिक, घटना से करीब 5-6 दिन पहले कुणाल की अपने पिता मुरलीधर चांदगुडे से बातचीत हुई थी। उसने पिता से घर लौटने के लिए कहा था। हालांकि, बातचीत के दौरान उसके पिता ने अपने माता-पिता और बहनों से जुड़े मुद्दों का जिक्र किया। कुणाल कम उम्र का था और संभवत: इन पारिवारिक परिस्थितियों को पूरी तरह समझ नहीं सका।

कल्याणी ने बताया कि उन्होंने भी कुणाल को समझाने की कोशिश की थी कि परिवार में मतभेद होना जिंदगी का हिस्सा है, लेकिन वह अपने पिता को घर वापस लाने की जिद पर अड़ा रहा।

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