छत्रपति संभाजीनगर मनपा स्कूल (फोटो नवभारत)
छत्रपति संभाजीनगर

संभाजीनगर मनपा स्कूल पर बढ़ा भरोसा: किराडपुरा क्रमांक-1 में छात्रसंख्या 1,225 पहुंची, 94.8% रहा रिजल्ट

Kiradpura Municipal School में तीन साल में छात्रसंख्या 450 से बढ़कर 1,225 हुई और 94.8% रहा रिजल्ट। डिजिटल शिक्षा, खेल सुविधाओं और बेहतर रिजल्ट से स्कूल ने अपनी नई पहचान बनाई।

शफीउल्ला हुसैनी, आलोक उमाकृष्ण

Student Strength Rises In Chhatrapati Sambhajinagar: मनपा शिक्षा विभाग की केंद्रीय प्राथमिक व माध्यमिक स्कूल किराडपुरा क्रमांक-1 ने पिछले तीन वर्षों में शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।

वर्ष 2023 में महज 450 विद्यार्थियों वाली इस स्कूल की छात्रसंख्या अब बढ़कर 1,225 हो गई है। स्कूल की इस उल्लेखनीय प्रगति में केंद्रीय मुख्याध्यापिका एवं विस्तार अधिकारी श्रीमती रईसा बेगम अय्यूब खान के निरंतर प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ डिजिटल शिक्षा। खेलकूद। स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान देकर उन्होंने स्कूल के कायापलट में योगदान दिया है।

तीन साल में रिकॉर्ड वृद्धि

किराडपुरा क्रमांक-1 स्कूल में वर्ष 2023 में विद्यार्थियों की संख्या केवल 450 थी। स्कूल में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने। विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और अभिभावकों का विश्वास बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए गए।

इन प्रयासों का परिणाम यह रहा कि महज तीन वर्षों में स्कूल की छात्रसंख्या बढ़कर 1,225 तक पहुंच गई। छात्रसंख्या में हुई यह वृद्धि मनपा स्कूलों के प्रति अभिभावकों के बढ़ते विश्वास को भी दर्शाती है।

शिष्यवृत्ति परीक्षा में भी बेहतर प्रदर्शन

स्कूल ने शैक्षणिक गुणवत्ता के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। कक्षा पांचवीं की पूर्व उच्च प्राथमिक और कक्षा आठवीं की पूर्व माध्यमिक शिष्यवृत्ति परीक्षा में 70 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की।

इसके अलावा कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा में स्कूल का कुल परिणाम 94.8 प्रतिशत रहा। विद्यार्थियों की इस सफलता से स्कूल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों को मजबूती मिली है।

डिजिटल शिक्षा को दिया बढ़ावा

बदलते शैक्षणिक दौर के अनुरूप विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए स्कूल में डिजिटल सुविधाओं का विस्तार किया गया। विशेष प्रयासों से डी-मार्ट लैब की स्थापना की गई। इसके साथ ही सुसज्जित कंप्यूटर प्रयोगशाला और ग्रंथालय शुरू किया गया।

'जिज्ञासा' उपक्रम के अंतर्गत स्कूल को 25 नए कंप्यूटर उपलब्ध कराए गए। इससे विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ आधुनिक अध्ययन सामग्री का लाभ मिल रहा है।

खेल सुविधाओं और बुनियादी ढांचे में सुधार

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए स्कूल परिसर में भव्य टर्फ मैदान तैयार किया गया। स्वच्छता और स्वास्थ्य की दृष्टि से हैंडवॉश स्टेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। प

रमवीर अब्दुल हमीद सभागृह का रूपांतरण कर उसका शैक्षणिक उपयोग करते हुए कक्षाओं के लिए इस्तेमाल किया गया। विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए छह नई कक्षाओं के निर्माण का प्रस्ताव भी सफलतापूर्वक प्रस्तुत किया गया है।

अन्य स्कूलों के विकास में भी योगदान

रईसा बेगम का योगदान केवल किराडपुरा क्रमांक-1 स्कूल तक सीमित नहीं रहा। छत्रपति संभाजीनगर मनपा स्कूल क्रमांक-2। गणेश कॉलोनी स्कूल और यशोदरा स्कूल के विकास और कायापलट में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

विस्तार अधिकारी के रूप में उन्होंने अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करते हुए मनपा शिक्षा विभाग के विकास में योगदान दिया है।

वर्तमान में मनपा शिक्षा विभाग में श्रेणीबद्ध मुख्याध्यापकों की कमी है। ऐसे समय में रईसा बेगम के अनुभव। कार्यक्षमता और स्कूल विकास के क्षेत्र में किए गए कार्यों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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