कुणाल और उस परिवार (सोर्स: एआई फोटो)
छत्रपति संभाजीनगर

अगर प्रशासन चाहता तो न उजड़ता कुणाल का परिवार! पहले भी हो चुके हैं 13 सुसाइड, जानें खवड्या पहाड़ी का खौफनाक सच

Khavadya Pahadi Accident: संभाजीनगर की खवड्या पहाड़ी पर बिना सुरक्षा व्यवस्था और अवैध खनन के कारण कुणाल और उसके माता-पिता की खाई में गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। प्रशासन की अनदेखी पर पढें पूरी रिपोर्ट।

गोरक्ष पोफली

Sambhajinagar Kunal Family Death News: छत्रपती संभाजीनगर के वालूज MIDC क्षेत्र के पास तिसगाव में धुले-सोलापूर हाईवे पर स्थित खवड्या पहाड़ी एक बार फिर दर्दनाक हादसे के कारण चर्चा में है। मानसिक तनाव के चलते कुणाल नाम के युवक ने पहाड़ी के खतरनाक कगार से छलांग लगाने की कोशिश की। उसे बचाने की कोशिश में उसके माता-पिता का भी संतुलन बिगड़ गया और वे तीनों सैकड़ों फीट गहरी खाई में गिर गए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

इस भयानक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है, लेकिन इसके साथ ही इसने प्रशासन की भयानक उदासीनता और लापरवाही पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

13 से अधिक मौतें, फिर भी सोया रहा प्रशासन

इस हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा था? स्थानीय लोगों के अनुसार, इस जानलेवा कगार से अब तक 13 से भी अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और यह जगह अब एक कुख्यात सुसाइड पॉइंट बन चुकी है।

इतनी बड़ी संख्या में मौतें होने के बावजूद प्रशासन ने यहां सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं किया। अगर समय रहते प्रशासन जाग जाता और यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए जाते, तो आज कुणाल और उसके माता-पिता की जान बचाई जा सकती थी।

न बैरिकेडिंग, न चेतावनी बोर्ड

यह पहाड़ी क्षेत्र बेहद खतरनाक है, लेकिन इसके बावजूद यहाँ सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। कगार पर जाने से रोकने के लिए न तो कोई मजबूत दीवार बनाई गई है और न ही कोई सुरक्षा जाली लगाई गई है।

हैरान करने वाली बात यह है कि प्रशासन ने यहां एक चेतावनी बोर्ड तक नहीं लगाया है जो लोगों को आगे जाने से रोके या खतरे के प्रति सचेत करे। सुरक्षा व्यवस्था के इस पूर्ण अभाव के कारण कोई भी नागरिक आसानी से इस खतरनाक कगार तक पहुंच सकता है। इस पहाड़ी पर तेज हवाएं चलती हैं और कगार की ऊंचाई इतनी ज्यादा है कि सिर्फ नीचे देखने मात्र से ही किसी का भी संतुलन बिगड़ सकता है और वह खाई में गिर सकता है।

मानवीय गलतियों और अवैध खनन ने बनाया इसे डेथ ट्रैप

खवड्या पहाड़ी की यह भयानक और जानलेवा भौगोलिक स्थिति प्राकृतिक कम और मानवीय गलतियों का नतीजा अधिक है। इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हुए बेकाबू और अवैध खनन के कारण पहाड़ी का संतुलन पूरी तरह बिगड़ चुका है।

अवैध खनन की वजह से ही यहां सैकड़ों फीट गहरी, बिल्कुल सीधी और खड़ी खाई बन गई है, जो बेहद जानलेवा बन चुकी है।

अब तो जागे प्रशासन

इस भयानक घटना के बाद अब स्थानीय नागरिकों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि इस पहाड़ी क्षेत्र में नागरिकों के प्रवेश पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए और कगार के चारों ओर एक मजबूत लोहे की सुरक्षा जाली खड़ी की जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार का चिराग न बुझे।

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