एएमपीस्टार ट्रक सोर्स: सोशल मीडिया
छत्रपति संभाजीनगर

छत्रपति संभाजीनगर के ऑरिक में बनेगी JSW की इलेक्ट्रिक वाहन फैक्ट्री, 100 भारी ई-ट्रकों का ऑर्डर मिला

Ampstar Electric Trucks: छत्रपति संभाजीनगर के ऑरिक औद्योगिक क्षेत्र में जेएसडब्ल्यू ग्रीनटेक द्वारा 15 हजार ईवी क्षमता का संयंत्र लगेगा। कंपनी को 100 भारी इलेक्ट्रिक ट्रकों का पहला ऑर्डर मिला है।

शफीउल्ला हुसैनी, आकाश मसने

Highlights

  • छत्रपति संभाजीनगर में बनेंगे 15 हजार इलेक्ट्रिक वाहन

  • 100 भारी ट्रकों से एएमपीस्टार की शुरुआत

  • ऑरिक में 90 एकड़ पर विकसित हो रही जेएसडब्ल्यू की विनिर्माण इकाई

​​Chhatrapati Sambhajinagar Heavy Electric Trucks Factory: छत्रपति संभाजीनगर का ऑरिक औद्योगिक क्षेत्र इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहन निर्माण के बड़े केंद्र के रूप में विकसित होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जेएसडब्ल्यू समूह की इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहन इकाई जेएसडब्ल्यू ग्रीनटेक लिमिटेड ने अपने एएमपीस्टार ब्रांड के 100 भारी इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर-ट्रकों की पहली वाणिज्यिक खेप का आदेश प्राप्त किया है। इन वाहनों का उपयोग कर्नाटक के विजयनगर स्थित जेएसडब्ल्यू सीमेंट के औद्योगिक माल परिवहन में किया जाएगा।

वहीं, छत्रपति संभाजीनगर के ऑरिक औद्योगिक क्षेत्र में कंपनी की प्रस्तावित विनिर्माण इकाई में प्रतिवर्ष 15 हजार इलेक्ट्रिक बसों और ट्रकों के निर्माण की क्षमता होगी। इससे क्षेत्र में औद्योगिक निवेश और रोजगार की संभावनाओं को भी बल मिलने की उम्मीद है।

एएमपीस्टार ब्रांड के 100 भारी इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर-ट्रकों का ऑर्डर मिला

जेएसडब्ल्यू ग्रीनटेक लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुमित मित्तल ने बताया कि एएमपीस्टार ब्रांड के अनावरण के एक महीने से कुछ अधिक समय में ही कंपनी पहले 100 ट्रकों की तैनाती के महत्वपूर्ण चरण तक पहुंच गई है। उनके अनुसार, यह पहल भारी माल परिवहन को इलेक्ट्रिक वाहनों के माध्यम से व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाने की दिशा में अहम कदम है।

330 किलोमीटर के मार्ग पर होगा माल परिवहन

पहले चरण में 100 इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर-ट्रकों को आंध्र प्रदेश के नांदयाल से कर्नाटक के विजयनगर के बीच लगभग 330 किलोमीटर लंबे मार्ग पर लगाया जाएगा। इन वाहनों के माध्यम से सीमेंट निर्माण में उपयोग होने वाले क्लिंकर और स्लैग का परिवहन किया जाएगा। कंपनी के अनुमान के अनुसार, इस मार्ग पर हर महीने लगभग 1.25 लाख टन माल ढोया जाएगा।

इस परियोजना में जेएसडब्ल्यू इको-मोबिलिटी बैटरी सेवा उपलब्ध कराने के साथ परिवहन व्यवस्था को भी सहयोग देगी, जबकि परदीप परिवहन लिमिटेड रसद संबंधी जिम्मेदारी संभालेगा। नांदयाल और विजयनगर के बीच चार बैटरी अदला-बदली केंद्र विकसित किए जाएंगे। इससे खाली हो रही बैटरी को बदलकर वाहनों को दोबारा परिचालन में लाने में मदद मिलेगी और परिवहन की निरंतरता बनाए रखना आसान होगा।

4.5 करोड़ लीटर डीजल की बचत का अनुमान

कंपनी के मुताबिक, अनुबंध की पूरी अवधि में इस इलेक्ट्रिक परिवहन व्यवस्था से लगभग 4.5 करोड़ लीटर डीजल की बचत होने का अनुमान है। इसके साथ करीब 6,250 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन से बचा जा सकेगा। इससे औद्योगिक माल परिवहन में पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने और प्रदूषण घटाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

एएमपीस्टार के 4×2 और 6×4 इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर-ट्रकों को भारतीय वाहन अनुसंधान संघ (एआरएआई) से केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के तहत प्रमाणन भी मिल गया है। इससे इन वाहनों को भारतीय सड़कों पर परिचालन के लिए आवश्यक सुरक्षा, प्रदर्शन और नियामकीय मानकों की पुष्टि हुई है। 55 टन क्षमता वाले 4×2 ट्रक की अधिकतम शक्ति 430 किलोवाट और अधिकतम बलाघूर्ण 2,600 न्यूटन मीटर है।

ऑरिक में 90 एकड़ पर विकसित होगा संयंत्र

छत्रपति संभाजीनगर के ऑरिक औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 90 एकड़ भूमि पर जेएसडब्ल्यू ग्रीनटेक की एकीकृत विनिर्माण इकाई विकसित की जा रही है। यहां प्रतिवर्ष 15 हजार इलेक्ट्रिक बसों और ट्रकों के निर्माण की क्षमता निर्धारित की गई है। संयंत्र में स्वचालित ट्रक केबिन निर्माण व्यवस्था और एकीकृत बैटरी तंत्र भी होगा। पुणे स्थित कंपनी का अनुसंधान एवं विकास केंद्र इस परियोजना को तकनीकी सहयोग देगा।

सुमित मित्तल के अनुसार, कंपनी का लक्ष्य केवल वाहन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि बैटरी सेवा, परिवहन ढांचे और परिचालन सहायता को जोड़कर एकीकृत इलेक्ट्रिक परिवहन व्यवस्था तैयार करना भी है। कंपनी आगे चलकर इलेक्ट्रिक टिपर और अन्य भारी मालवाहक वाहनों की श्रृंखला का विस्तार करने की योजना बना रही है।

डीजल की खपत और उत्सर्जन घटाने में होगी मदद

जेएसडब्ल्यू सीमेंट के वित्त निदेशक नरिंदर कहलोन ने कहा कि 100 इलेक्ट्रिक ट्रकों की तैनाती से कंपनी को अपनी रसद व्यवस्था में डीजल की खपत और उत्सर्जन घटाने के साथ परिचालन दक्षता बनाए रखने में मदद मिलेगी। इस पहल से भारी औद्योगिक परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

PM-Kisan 24th Installment: क्या आपकी पिछली किस्त भी अटकी थी? जानिए किन किसानों को मिल सकते हैं ₹4,000

PM Kisan Yojana: पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त कैसे चेक करें और निकालें; जानें Step by Step

पीएम नरेंद्र मोदी ने जारी की PM-किसान की 24वीं किस्त, किसानों के खाते में भेजे 19 हजार करोड़ रुपये

डेटिंग ऐप Tinder- Bumble और Hinge पर 75% प्रोफाइल फर्जी; जानें कैसे बचें रोमांस स्कैम से?

शिवराज सिंह चौहान की मां काशीबाई का निधन, भोपाल AIIMS में ली अंतिम सांस; जैत में होगा अंतिम संस्कार