ऑरिक औद्योगिक क्षेत्र में JSW ग्रीनटेक की विनिर्माण इकाई विकसित हो रही है।
प्रस्तावित प्लांट में सालाना 15 हजार इलेक्ट्रिक बसें और ट्रक बनाने की क्षमता होगी।
AMPSTAR ब्रांड के 100 भारी इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर-ट्रकों का पहला वाणिज्यिक ऑर्डर मिला।
नांदयाल से विजयनगर के बीच 330 किलोमीटर मार्ग पर चलेंगे इलेक्ट्रिक ट्रक।
परियोजना से करीब 4.5 करोड़ लीटर डीजल और 6,250 टन कार्बन उत्सर्जन बचाने का अनुमान।
Sambhajinagar AURIC JSW Greentech 90 Acre EV Plant: छत्रपति संभाजीनगर के ऑरिक औद्योगिक क्षेत्र में JSW ग्रीनटेक की इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण इकाई विकसित की जा रही है। करीब 90 एकड़ में प्रस्तावित इस इकाई में सालाना 15 हजार इलेक्ट्रिक बसें और ट्रक बनाने की क्षमता होगी। कंपनी को AMPSTAR ब्रांड के 100 भारी इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर-ट्रकों का पहला वाणिज्यिक ऑर्डर भी मिला है।
छत्रपति संभाजीनगर का ऑरिक औद्योगिक क्षेत्र इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहन निर्माण के बड़े केंद्र के रूप में उभरने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। JSW समूह की कंपनी JSW ग्रीनटेक लिमिटेड यहां करीब 90 एकड़ क्षेत्र में अपनी विनिर्माण इकाई विकसित कर रही है। प्रस्तावित प्लांट में प्रतिवर्ष 15 हजार इलेक्ट्रिक बसों और ट्रकों के निर्माण की क्षमता होगी। इससे क्षेत्र में औद्योगिक निवेश के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
इसी बीच कंपनी ने अपने AMPSTAR ब्रांड के 100 भारी इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर-ट्रकों की पहली वाणिज्यिक खेप का ऑर्डर प्राप्त किया है। इन वाहनों का इस्तेमाल कर्नाटक के विजयनगर स्थित JSW सीमेंट के औद्योगिक माल परिवहन में किया जाएगा।
पहले चरण में 100 इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर-ट्रकों को आंध्र प्रदेश के नांदयाल से कर्नाटक के विजयनगर के बीच लगभग 330 किलोमीटर लंबे मार्ग पर लगाया जाएगा। इन वाहनों से सीमेंट निर्माण में इस्तेमाल होने वाले क्लिंकर और स्लैग का परिवहन किया जाएगा।
कंपनी के अनुमान के मुताबिक, इस मार्ग पर हर महीने करीब 1.25 लाख टन माल ढोया जाएगा। इस पहल को भारी माल परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस परियोजना में JSW इको-मोबिलिटी बैटरी सेवा और परिवहन व्यवस्था में सहयोग करेगी, जबकि परदीप परिवहन लिमिटेड रसद संबंधी जिम्मेदारी संभालेगी। नांदयाल और विजयनगर के बीच चार बैटरी अदला-बदली केंद्र विकसित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर खाली बैटरी को बदलकर वाहनों को दोबारा परिचालन में लाया जा सकेगा। इससे लंबी दूरी के माल परिवहन में समय बचाने और संचालन जारी रखने में मदद मिलेगी।
कंपनी के अनुसार, अनुबंध की पूरी अवधि में इस इलेक्ट्रिक परिवहन व्यवस्था से करीब 4.5 करोड़ लीटर डीजल की बचत होने का अनुमान है। इसके अलावा लगभग 6,250 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन से बचा जा सकेगा।
JSW ग्रीनटेक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुमित मित्तल ने बताया कि AMPSTAR ब्रांड के अनावरण के एक महीने से कुछ अधिक समय में ही कंपनी 100 ट्रकों की तैनाती के महत्वपूर्ण चरण तक पहुंच गई है। कंपनी का मानना है कि यह पहल औद्योगिक माल परिवहन में पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने और प्रदूषण घटाने में मददगार साबित होगी।