IIA New Executive Architecture Development: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स के छत्रपति संभाजीनगर केंद्र तथा महाराष्ट्र अध्याय की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का पदग्रहण समारोह शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को होटल रामा इंटरनेशनल में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
समारोह में विभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स की राष्ट्रीय परिषद के कार्यवाहक अध्यक्ष वास्तुकार जितेंद्र मेहता तथा रत्नागिरी के पुलिस अधीक्षक नितीन बागटे प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
समारोह में महाराष्ट्र राज्य के साथ देश के विभिन्न हिस्सों से 200 से अधिक वास्तुकारों ने भाग लेकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। इस अवसर पर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने औपचारिक रूप से कार्यभार संभाला।
नए पदाधिकारियों ने छत्रपति संभाजीनगर सहित महाराष्ट्र के शहरों में सुनियोजित और संतुलित नागरी विकास को बढ़ावा देने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने आधुनिक वास्तुकला को स्थानीय जरूरतों और पर्यावरणीय परिस्थितियों के अनुरूप विकसित करने पर जोर दिया।
साथ ही पर्यावरणपूरक निर्माण तकनीकों, ऊर्जा दक्षता और हरित विकास को प्राथमिकता देने की बात कही। कार्यकारिणी ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के दौर में वास्तुकारों की जिम्मेदारी बढ़ी है और बेहतर नियोजन के जरिए शहरों को सुरक्षित, सुंदर और टिकाऊ बनाया जा सकता है।
वक्ताओं ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरों के सुनियोजित विकास में वास्तुकारों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। शहरी विस्तार के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और आधुनिक जरूरतों के अनुरूप आधारभूत ढांचे का विकास करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि नियोजनबद्ध विकास के साथ शहरों की ऐतिहासिक विरासत और विरासत स्थलों का संरक्षण भी प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके अलावा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए पर्यावरणपूरक निर्माण और हरित तकनीकों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। वक्ताओं के अनुसार, इन सभी लक्ष्यों को हासिल करने के लिए वास्तुकारों, छत्रपति संभाजीनगर प्रशासन और नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
सामूहिक प्रयासों से ही सुरक्षित, सुंदर, सुविधाजनक और टिकाऊ शहरों का निर्माण संभव है। समारोह में नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का अभिनंदन किया गया। साथ ही वास्तुकला क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सदस्यों के कार्यों की सराहना की गई।