Harsul Smritivan Road Pole Shifting Stopped: छत्रपति संभाजीनगर की हर्सूल जेल से स्मृतिवन उद्यान मार्ग पर सड़क के बीच स्थित बिजली के खंभे हटाने के काम में एमआईएम पार्षद के रिश्तेदार द्वारा कथित रूप से धमकी देकर बाधा डालने का मामला मनपा की आमसभा में गूंजा।
भाजपा पार्षदों ने आरोप लगाया कि पिछले चार दिनों से काम बंद है। विद्युत विभाग की कार्यकारी अभियंता मोहिनी गायकवाड़ ने भी घटना होने की पुष्टि की। इसके बाद संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सदन में चर्चा हुई। मामले में एमआईएम का नाम लिए जाने पर भाजपा और एमआईएम पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
छत्रपति संभाजीनगर की सड़कों के बीच स्थित बिजली के खंभों को हटाने के काम पर चर्चा के दौरान पार्षद राजगौरव वानखेड़े ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि खंभों को हटाने के लिए जिला नियोजन समिति ने 22 करोड़ रुपये का निधि उपलब्ध कराया है।
एमएसईबी को पर्यवेक्षण के लिए भी निधि दी गई है। उनकी देखरेख में शहर के नौ मार्गों पर पोल शिफ्टिंग का काम चल रहा है। हालांकि, हर्सूल जेल से स्मृतिवन उद्यान मार्ग पर रिश्तेदार के हस्तक्षेप के कारण काम रुकने का आरोप लगाया गया।
कार्यकारी अभियंता द्वारा आरोप की पुष्टि किए जाने के बाद विपक्ष के नेता समीर साजिद बिल्डर ने संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की।
राजू वैद्य ने कहा कि पार्षदों के रिश्तेदारों द्वारा ठेकेदारों को परेशान करने की शिकायतें कई स्थानों से सामने आ रही हैं। उन्होंने संबंधित पार्षद के खिलाफ अयोग्यता की कार्रवाई की मांग भी की।
वानखेड़े ने याद दिलाया कि पूर्व मनपा आयुक्त जी. श्रीकांत ने सरकारी काम में बाधा डालने या अधिकारियों से दुर्व्यवहार करने पर पार्षद का पद रद्द करने संबंधी आदेश जारी किया था। महापौर समीर राजूरकर ने कहा कि मामले की जानकारी आयुक्त और उन्हें मिल चुकी है तथा संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश पांच दिन पहले ही दिए जा चुके हैं।
एमआईएम पार्षदों ने पार्टी का नाम लेने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। किसी पार्षद ने अपने रिश्तेदार को सरकारी काम में बाधा डालने के लिए नहीं कहा है। इसी मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और कुछ देर तक सदन में हंगामे की स्थिति बनी रही।