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छत्रपति संभाजीनगर के सावे और मुले पाटील परिवार ने विवाह समारोह पर होने वाला खर्च टालकर सामाजिक पहल की।
अनुराग और ईशा के विवाह पर खर्च होने वाली राशि में से 1 करोड़ रुपए सूखाग्रस्त किसानों की सहायता के लिए दिए गए।
यह धनराशि मुख्यमंत्री सहायता निधि में जमा कराने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को धनादेश सौंपा गया।
Chhatrapati Sambhajinagar Drought Situation: विवाह समारोह पर होने वाले खर्च को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए शहर के सावे और मुले पाटील परिवार ने अनुकरणीय पहल की है। अनुराग और ईशा के विवाह पर होने वाला खर्च टालकर दोनों परिवारों ने सूखाग्रस्त किसानों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री सहायता निधि में 1 करोड़ रुपए का योगदान दिया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को अन्य पिछड़ा वर्ग विकास मंत्री अतुल सावे की प्रमुख उपस्थिति में यह धनादेश सौंपा गया।
इस अवसर पर अजिंक्य सावे, अनुराग सावे और ग्रीन गोल्ड सीड्स के प्रबंध निदेशक अजित मुले भी उपस्थित थे। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में किसान सूखे और आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। ऐसे कठिन समय में किसानों की मदद के उद्देश्य से दोनों परिवारों ने विवाह समारोह पर होने वाले खर्च को सहायता के रूप में देने का निर्णय लिया।
आमतौर पर विवाह समारोहों में भव्य आयोजन और दिखावे पर बड़ी रकम खर्च की जाती है, लेकिन दोनों परिवारों ने इस परंपरा से हटकर जरूरतमंद किसानों की सहायता को प्राथमिकता दी। विवाह जैसे मांगलिक अवसर को समाजसेवा से जोड़ने वाली इस पहल की सराहना हो रही है। यह कदम समाज के अन्य संपन्न परिवारों को भी सामाजिक दायित्व निभाने और संकटग्रस्त लोगों की मदद के लिए आगे आने की प्रेरणा देने वाला है।
इस पहल के जरिए सावे और मुले पाटील परिवार ने यह संदेश दिया कि पारिवारिक खुशियों के अवसरों को जरूरतमंदों के जीवन में राहत लाने का माध्यम भी बनाया जा सकता है। सूखे की मार झेल रहे किसानों के लिए दी गई यह आर्थिक सहायता उनके कठिन समय में संबल साबित हो सकती है। दोनों परिवारों का मानना है कि सामाजिक समृद्धि का वास्तविक अर्थ जरूरत के समय समाज के साथ खड़े रहना है। उनकी इस पहल ने विवाह समारोहों में अनावश्यक खर्च और दिखावे के बजाय जनहित को महत्व देने की एक सकारात्मक मिसाल कायम की है।