Water Supply Plan Tap Connection In Sambhajinagar: छत्रपति संभाजीनगर शहर की बहुप्रतीक्षित नई जलापूर्ति योजना को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि योजना का काम केवल पाइपलाइन बिछाने तक सीमित न रहे, बल्कि शहर के प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन पहुंचना चाहिए।
भविष्य में घर-घर नल कनेक्शन देने के लिए सड़कों को दोबारा खोदने की स्थिति नहीं बननी चाहिए। इसके लिए पाइपलाइन, नल कनेक्शन और सड़क निर्माण का काम आपसी समन्वय से पूरा करने के निर्देश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिए। मुंबई में हुई बैठक में मुख्यमंत्री फडणवीस ने छत्रपति संभाजीनगर की नई जलापूर्ति योजना के विभिन्न कामों की प्रगति की समीक्षा की।
बैठक में जलकुंभों का निर्माण, जायकवाड़ी बांध स्थित जैकवेल का काम, पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत तथा प्रत्येक घर को नल कनेक्शन देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से काम की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए लंबित कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए।
शहर में नई जलापूर्ति व्यवस्था तैयार होने के बाद भी यदि प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन नहीं पहुंचता है तो योजना का पूरा लाभ नागरिकों को नहीं मिल पाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि घर-घर नल कनेक्शन देने का काम जलापूर्ति योजना के साथ ही पूरा किया जाए। इसके लिए अभी से आवश्यक नियोजन किया जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कें तैयार की जाएं और उसके बाद नल कनेक्शन के लिए दोबारा सड़क खोदने की स्थिति नहीं आनी चाहिए। शहर में पहले ही जलापूर्ति योजना की पाइपलाइन के लिए बड़ी संख्या में सड़कें खोदी जा चुकी हैं।
कई स्थानों पर नई बनी सीमेंट सड़कों को भी काटा गया है। इससे नागरिकों को आवागमन में परेशानी हो रही है। ऐसे में भविष्य में बार-बार सड़क खोदने से होने वाली परेशानी और खर्च दोनों से बचने के लिए पहले से समन्वित कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया गया।
नई जलापूर्ति योजना के तहत बनाए जा रहे जलकुंभों में से जिनका निर्माण अभी लंबित है, उन्हें तेजी से पूरा करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए। उन्होंने संबंधित ठेकेदारों को आवश्यकतानुसार श्रमिकों की संख्या बढ़ाने को कहा। काम की गति बढ़ाने के साथ गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने की हिदायत भी दी गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि केवल निर्माण कार्य पूरा करना ही पर्याप्त नहीं है। पूरी जलापूर्ति व्यवस्था निर्धारित क्षमता के अनुसार कार्य करने लगे और उसका वास्तविक लाभ नागरिकों को मिले, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसके लिए महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण और महानगरपालिका प्रशासन को ठेकेदारों के काम पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
शहर की नई जलापूर्ति व्यवस्था में जायकवाड़ी बांध स्थित जैकवेल का महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री ने जैकवेल पर बनाए जा रहे शेड का काम निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। इस कार्य में किसी प्रकार की देरी से पूरी जलापूर्ति योजना प्रभावित न हो, इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने को कहा गया।
बैठक में छत्रपति संभाजीनगर की सड़कों की स्थिति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। जलापूर्ति योजना की पाइपलाइन बिछाने के लिए कई प्रमुख और आंतरिक सड़कों को खोदा गया है। पाइपलाइन का काम पूरा होने के बाद भी अनेक स्थानों पर सड़कें पूर्व स्थिति में नहीं लाई गई हैं।
विशेष रूप से नई बनी सीमेंट सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से नागरिकों में नाराजगी है। मुख्यमंत्री ने पाइपलाइन का काम पूरा होते ही संबंधित ठेकेदारों को सड़क की मरम्मत करने के निर्देश दिए। सड़कें खोदकर उन्हें लंबे समय तक उसी स्थिति में छोड़ना स्वीकार नहीं किया जाएगा, ऐसा स्पष्ट संदेश बैठक में दिया गया।
मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने निर्धारित समय सीमा के बाद भी काम अधूरा रखने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बार-बार समय बढ़ाने के बजाय काम की प्रगति की नियमित समीक्षा करने और लापरवाही करने वाले ठेकेदारों पर दंडात्मक कार्रवाई करने को कहा गया। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे ठेकेदारों को काली सूची में डालने की कार्रवाई भी की जाएगी।
नई जलापूर्ति योजना को लेकर मुख्यमंत्री के इन निर्देशों से अब लंबित कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि योजना के साथ ही घर-घर नल कनेक्शन और सड़क पुनर्निर्माण का काम पूरा करने पर जोर दिया गया है। इससे भविष्य में जलापूर्ति के नाम पर शहर की सड़कों की बार-बार खुदाई रोकने में मदद मिलेगी।