Maharashtra Chhatrapati Vehicles News: छत्रपति संभाजीनगर शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के उद्देश्य से 1 मई से वेस्टर्न इमॅजिनरी कंपनी के माध्यम से कचरा संग्रहण व्यवस्था शुरू किए जाने के बाद इसमें बड़े पैमाने पर विस्तार किया गया है।
वर्तमान में दिन-रात दो सत्रों में करीब 600 वाहनों के माध्यम से रोजाना 500 से 600 टन कचरा उठाया जा रहा है। इसके साथ ही कचरा वर्गीकरण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। वर्तमान में शहर में कचरा वर्गीकरण का प्रमाण बढ़कर करीब 85 प्रतिशत तक पहुंच गया है। मनपा का लक्ष्य आने वाले दिनों में इसे 100 प्रतिशत तक पहुंचाने का है।
शहर को स्वच्छता के मामले में टॉप-10 में लाने के उद्देश्य से अनुभवी कंपनी को कचरा संग्रहण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नई व्यवस्था में केवल कचरा उठाने के बजाय उसके वर्गीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शहर के कुछ वॉर्डों में अभी भी मिश्रित कचरा मिलने के कारण वहां सख्ती के साथ नागरिकों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
मनपा के उपायुक्त नंदकिशोर भोंबे ने बताया कि कचरा वर्गीकरण को 100 प्रतिशत तक पहुंचाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इससे पहले शहर में करीब 250 से 300 वाहनों के माध्यम से कचरा संग्रहण किया जाता था। वाहनों की संख्या बढ़ने के बाद संग्रहण व्यवस्था की क्षमता में भी वृद्धि हुई है। इससे शहर के विभिन्न हिस्सों से नियमित रूप से कचरा उठाने में मदद मिल रही है।
वर्तमान में कंपनी की 413 घंटागाड़ियां, 50 वाहन, 18 टिपर और 9 जेसीबी कार्यरत हैं। रात के सत्र में अतिरिक्त 85 घंटागाड़ियां और 25 वाहन लगाए गए हैं। वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ कचरा संग्रहण क्षमता में करीब 200 टन की वृद्धि हुई है।
छत्रपति संभाजीनगर शहर में नवरात्र, दशहरा और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान कचरे की मात्रा बढ़ने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त वाहनों की व्यवस्था की तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है। त्योहारों के दौरान प्रमुख बाजारों, सार्वजनिक स्थानों और रिहायशी इलाकों में कचरा जमा न हो, इसके लिए संग्रहण व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। अतिरिक्त वाहनों और कर्मचारियों की तैनाती के माध्यम से बढ़ने वाले कचरे को समय पर उठाने की योजना बनाई जा रही है।
छत्रपति संभाजीनगर शहर में पहले करीब 50 स्थानों पर कचरा कुंडियां थीं। 1 मई से अब तक इनमें से 30 कचरा कुंडियां हटाई जा चुकी हैं। इन स्थानों की सफाई करने के बाद वहां पौधारोपण, रंगरोगन और अन्य कार्यों के माध्यम से सौंदर्यीकरण किया गया है।
इससे मुख्य सड़कों और सार्वजनिक स्थानों की स्थिति में सुधार हुआ है। मनपा की योजना शेष 20 कचरा कुंडियों को भी चरणबद्ध तरीके से बंद करने की है।
कचरा कुंडियों को हटाने के साथ घर-घर से कचरा संग्रहण व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत शहर की राष्ट्रीय रैंकिंग अब तक 22 से 27 के बीच रही है। मनपा का प्रयास बेहतर कचरा प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था के माध्यम से शहर को राष्ट्रीय स्तर पर टॉप-10 में लाने का है।