Mumbai BMC Waste Management: मुंबई शहर की झोपड़पट्टियों और घनी आबादी वाले इलाकों में सफाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए बीएमसी नई 'बृहन्मुंबई स्वच्छता सेवा योजना' लागू करने की तैयारी में है।
11 अगस्त को महापौर रितू तावड़े की अध्यक्षता में हुई गुट नेताओं की बैठक में योजना के मसौदे को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। नई योजना वर्ष 2013 से चल रही 'स्वच्छ मुंबई प्रबोधन अभियान' (एसएमपीए) की समीक्षा के बाद तैयार की गई है।
मौजूदा व्यवस्था में एक ही संस्था को कचरा संग्रहण से लेकर नालियों और शौचालयों की सफाई तक कई जिम्मेदारियां दी जाती हैं, जिससे काम की गुणवत्ता प्रभावित होने की शिकायतें सामने आई थीं। नई व्यवस्था में संस्थाओं का मुख्य काम घर-घर से रोजाना कचरा उठाना और आंतरिक गलियों की सफाई रहेगा।
नालों और गटरों की सफाई के लिए अलग तकनीकी कर्मचारियों की व्यवस्था की जाएगी, जबकि सार्वजनिक शौचालयों का प्रबंधन समुदाय आधारित संस्थाओं के माध्यम से किया जाएगा।
संस्थाओं को मिलने वाली मासिक आर्थिक सहायता भी 6 हजार से बढ़ाकर 11 हजार रुपये प्रति यूनिट करने का प्रस्ताव है। वहीं बेहतर काम करने वाली संस्थाओं को हर महीने 21 हजार रुपये का अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा, योजना में तकनीक का भी इस्तेमाल होगा
सफाई कार्यों की रियल-टाइम निगरानी के लिए जीपीएस आधारित मोबाइल ऐप और नागरिकों की शिकायतों के लिए क्यूआर कोड सुविधा शुरू की जाएगी। लगातार तीन बार लापरवाही सामने आने पर संबंधित संस्था को ब्लैकलिस्ट किया जा सकेगा।