SIR प्रक्रिया में नियमों के उल्लंघन का AIMIM ने लगाया आरोप।
जिलाध्यक्ष शारेक नक्शबंदी ने निर्वाचन अधिकारियों के सामने रखीं आपत्तियां।
भाजपा के बूथ स्तरीय पदाधिकारियों, BLA-2 और पर्यवेक्षकों पर दबाव डालने का दावा।
निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और लिखित जवाब की मांग।
Chhatrapati Sambhajinagar SIR Process AIMIM Complaint: छत्रपति संभाजीनगर में SIR प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन आयोग के नियमों के उल्लंघन और भाजपा के बूथ स्तरीय पदाधिकारियों पर दबाव डालने के आरोप लगाते हुए AIMIM ने जांच की मांग की है। जिलाध्यक्ष शारेक नक्शबंदी ने निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष आपत्तियां रखते हुए दोषियों पर कार्रवाई और लिखित जवाब देने की मांग की।
छत्रपति संभाजीनगर, मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) के दौरान निर्वाचन आयोग के नियमों के उल्लंघन का आरोप सामने आया है। इस मामले में AIMIM ने जांच की मांग करते हुए संबंधित निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
मंगलवार, 13 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे तहसीलदार कक्ष में आयोजित बैठक में AIMIM के जिलाध्यक्ष शारेक नक्शबंदी ने उप सहायक निर्वाचन अधिकारियों के सामने शिकायत रखी। बैठक में उप सहायक निर्वाचन अधिकारी डॉ. वेंकट राठोड, निलेश अपहार और रुपेश सिंगारे उपस्थित थे।
नक्शबंदी ने आरोप लगाया कि 12 अक्टूबर को SIR प्रक्रिया के दौरान भाजपा के बूथ स्तरीय पदाधिकारियों, बूथ लेवल एजेंट-2 (BLA-2) और पर्यवेक्षकों पर दबाव डालने जैसी गतिविधियां हुईं। उन्होंने इन गतिविधियों को निर्वाचन आयोग के नियमों के संभावित उल्लंघन से जोड़ते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
AIMIM जिलाध्यक्ष ने अधिकारियों से आग्रह किया कि शिकायत में उठाए गए सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच की जाए। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए।
नक्शबंदी ने शिकायत पर की गई जांच और उसके आधार पर प्रस्तावित या की गई कार्रवाई के संबंध में विस्तृत लिखित जवाब देने की मांग भी की। पार्टी का कहना है कि मामले की जांच पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में छत्रपति संभाजीनगर मनपा में विपक्ष के नेता समीर साजिद बिल्डर, जिलाध्यक्ष शारेक नक्शबंदी, मनपा के पार्षद, मनोनीत सदस्य और पार्टी के विभिन्न पदाधिकारी उपस्थित थे।
फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में निर्वाचन अधिकारियों की ओर से आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया या जांच के निष्कर्ष सामने नहीं आए हैं। आरोपों की पुष्टि और जिम्मेदारी तय होना संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।