Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Corporation: गणेशोत्सव की तैयारियां शहर में जोर पकड़ने लगी हैं, लेकिन दूसरी ओर सड़कों पर फैले गड्ढे शहरवासियों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। प्रमुख मार्गों के साथ संपर्क सड़कों और गली-मोहल्लों में भी जगह-जगह गड्ढे दिखाई दे रहे हैं।
आने वाले दिनों में गणेश विसर्जन जुलूस, बाजारों और प्रमुख मार्गों पर भारी भीड़ उमड़ने वाली है। ऐसे में इन गड्ढों के कारण यातायात व्यवस्था के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है। त्योहारों से पहले सड़कों को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी अब महानगरपालिका प्रशासन के सामने है।
सड़क मरम्मत के लिए प्रत्येक प्रभाग को हर वर्ष 50 लाख रुपए का बजट दिया जाता है। इसके अलावा गड्ढे भरने के लिए एक करोड़ रुपये की अलग निधि का प्रावधान किया गया है। त्योहारों के दौरान विशेष गड्ढा भराई अभियान भी चलाया जाता है। इसके बावजूद हर साल बारिश और खोदाई के बाद सड़कों की स्थिति फिर खराब हो जाती है। इससे मरम्मत के काम की गुणवत्ता और संबंधित एजेंसियों पर मनपा के नियंत्रण को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जलापूर्ति, मलनिस्सारण, गैस पाइपलाइन तथा अन्य सरकारी और निजी कार्यों के लिए सड़कों की खोदाई की जाती है। नियमानुसार संबंधित एजेंसी को मनपा से अनुमति लेने के साथ काम पूरा होने के बाद सड़क को पहले जैसी स्थिति में करना आवश्यक है। लेकिन कई जगह केवल औपचारिक पैचवर्क कर दिया जाता है। परिणामस्वरूप कुछ ही समय में सड़क दोबारा उखड़ जाती है।
डामर की सड़क पर डामर और कंक्रीट की सड़क पर कंक्रीट से मरम्मत करना जरूरी है। उचित तकनीक से किया गया पैचवर्क ही लंबे समय तक टिक सकता है। केवल ऊपरी तौर पर गड्ढे भरने से समस्या स्थायी रूप से दूर नहीं होती।
फिलहाल तेज बारिश नहीं होने से गड्ढों में पानी भरने की समस्या सीमित है। बारिश बढ़ने पर यही गड्ढे वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। गणेशोत्सव के बाद नवरात्र, दशहरा और दीपावली जैसे त्योहार आने वाले हैं। ऐसे में शहरवासियों की मांग है कि त्योहारों से पहले सभी प्रमुख मार्गों और गलियों की मरम्मत पूरी की जाए।
मनपा के शहर अभियंता संजय कोंबडे के अनुसार, गणेश विसर्जन जुलूस के मार्ग के पैचवर्क के लिए निविदा जारी की गई है। अन्य सड़कों के गड्ढे मनपा की मशीनों की सहायता से भरने का काम शुरू है। अब देखना होगा कि त्योहारों से पहले यह अभियान कितनी प्रभावी तरीके से पूरा होता है।