गारखेड़ा, सिडको-हडको, किराडपुरा और गुलमंडी में बूंदाबांदी हुई।
मानसून की बेरुखी से खरीफ की फसल प्रभावित हुई है।
पानी की कमी के कारण कई किसानों ने रबी की बुआई टाल दी है।
Rain Farmers Rabi Sowing Hope: छत्रपति संभाजीनगर जिले में लंबे समय से बारिश की राह देख रहे किसानों के लिए शनिवार की दोपहर उम्मीद की नई किरण लेकर आई। दोपहर बाद अचानक मौसम बदला और आसमान में घने बादल छा गए। शहर के कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई। इससे मौसम सुहावना हो गया, वहीं सूखे की मार झेल रहे किसानों के चेहरे पर भी उम्मीद दिखाई देने लगी।
छत्रपति संभाजीनगर में शनिवार दोपहर अचानक मौसम ने करवट ली। आसमान में घने बादल छाने के बाद शहर के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। गारखेड़ा, सिडको-हडको, किराडपुरा, बायजीपुरा, विश्वविद्यालय परिसर, गुलमंडी और मुकुंदवाड़ी में बूंदाबांदी दर्ज की गई।
बादलों की घनी परत के कारण दोपहर में ही अंधेरा छा गया और कुछ समय के लिए मौसम सुहावना हो गया। अचानक बदले मौसम से लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि, बारिश की मात्रा कम होने के कारण किसानों को अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार है। उन्हें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में तेज बारिश हो सकती है।
इस वर्ष मानसून की कमजोर बारिश का असर छत्रपति संभाजीनगर जिले के किसानों पर पड़ा है। पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण खरीफ की फसल पहले ही प्रभावित हो चुकी है। अब पानी की कमी से रबी की बुआई को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। कई किसानों ने खेतों में नमी और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं होने के चलते बुआई फिलहाल टाल दी है।
विशेष रूप से वर्षा आधारित खेती करने वाले किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ऐसे किसानों के लिए आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होना बेहद जरूरी है, ताकि खेतों में नमी लौटे और रबी की बुआई शुरू हो सके।
किसानों को उम्मीद है कि यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है, तो खेतों में नमी लौटेगी और रबी की बुआई शुरू हो सकेगी। फिलहाल शनिवार की बूंदाबांदी ने उम्मीद तो जगाई है, लेकिन किसानों को अब भी जोरदार बारिश का इंतजार है।