क्रांति चौक पर SIR रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने EVM के बजाय मतपत्र से चुनाव कराने की मांग उठाई।
पुलिस कार्रवाई, गिरफ्तारियों और दिल्ली जाने में कथित बाधाओं का विरोध किया गया।
Protest Over SIR And EVM Voting: देशभर में चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में शनिवार, 10 अक्टूबर को छत्रपति संभाजीनगर के क्रांति चौक पर वाम लोकतांत्रिक मोर्चे की ओर से आंदोलन किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया रद्द करने और इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीन (ईवीएम) के बजाय मतपत्र से चुनाव कराने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उनका आरोप था कि मतदाता सूची से पात्र नागरिकों के नाम हटाए जा रहे हैं, जबकि कुछ मामलों में फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़े जाने की आशंका है।
उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं, इसलिए मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
आंदोलनकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध करते हुए चुनाव व्यवस्था में सुधार की मांग की। उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया में नागरिकों का विश्वास बनाए रखने और उनके मतदान के अधिकारों की रक्षा करने पर जोर दिया।
आंदोलनकारियों ने दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शनों के दौरान कथित पुलिस दमन की निंदा की। विद्यार्थियों और युवाओं की गिरफ्तारी पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण आंदोलन करने का अधिकार है। इन अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली जा रहे नागरिकों की रेल और बस यात्रा में बाधाएं उत्पन्न की गईं। उन्होंने इसे नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों को सीमित करने का प्रयास बताते हुए केंद्र की भाजपा सरकार की आलोचना की।
आंदोलन में कांग्रेस सांसद डॉ. कल्याण काले, स्वराज अभियान के सुभाष लोमटे, कांग्रेस जिलाध्यक्ष किरण पाटील डोणगावकर, शहर अध्यक्ष सैयद अक्रम, भगवान भोजने, जगन्नाथ काले, अभय टाकसाल, भीमराव बनसोड, चंद्रकांत चव्हाण, लक्ष्मण साकुर्डकर, अरुण मते, डॉ. लोकेश कांबले, मनीषा बल्लाल, आरती लांडगे, शेख अमजद शेख पाशु, रफीक बक्ष, एड. सुभाष सावंगीकर, प्रा. प्रकाश शिरसाठ और तिलोत्तमा झाडे सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और नागरिक उपस्थित थे।