छत्रपति संभाजीनगर संपत्ति सर्वे (सोर्सः सोशल मीडिया)
छत्रपति संभाजीनगर

संपत्तियों का होगा नए सिरे से सर्वे, छत्रपति संभाजीनगर मनपा ने फिर निकाली निविदा, अब 15 दिन की मोहलत

Chhatrapati Sambhajinagar Property Survey: छत्रपति संभाजीनगर मनपा शहर की सभी संपत्तियों का नए सिरे से सर्वेक्षण और पुनर्मूल्यांकन कराएगी। चयनित एजेंसी को 18 माह में सर्वे पूरा करना होगा।

शफीउल्ला हुसैनी, आंचल लोखंडे

Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Corporation: छत्रपति संभाजीनगर शहर की सभी संपत्तियों का नए सिरे से सर्वेक्षण और पुनर्मूल्यांकन करने की महानगरपालिका की योजना को फिलहाल निविदा प्रक्रिया में अड़चन का सामना करना पड़ा है। मनपा की ओर से 7 अगस्त को जारी निविदा के लिए 31 अगस्त तक केवल एक ही निविदा प्राप्त हुई। प्रतिस्पर्धी निविदा नहीं मिलने के कारण प्रशासन ने अब 15 दिन की अवधि बढ़ाकर फेरनिविदा निकालने का निर्णय लिया है। यह जानकारी मनपा के उपायुक्त विकास नवाले ने दी।

मनपा प्रशासन शहर की सभी संपत्तियों का व्यापक सर्वेक्षण कराकर संपत्ति कर व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की तैयारी में है। इसके लिए निजी एजेंसी की नियुक्ति की जानी है। निविदा की शर्तों के अनुसार चयनित एजेंसी को 18 माह में पूरा सर्वेक्षण और पुनर्मूल्यांकन का काम करना होगा। इसके बाद अगले पांच वर्षों तक संपत्तियों से संबंधित जिम्मेदारी भी एजेंसी को संभालनी होगी।

कर व्यवस्था को मजबूत करने की कवायद

शहर में बड़ी संख्या में ऐसी संपत्तियां होने की संभावना है, जो मनपा के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं या जिनका वास्तविक उपयोग और क्षेत्रफल मौजूदा रिकॉर्ड से अलग है। ऐसे में नए सिरे से सर्वेक्षण के माध्यम से संपत्तियों की वास्तविक स्थिति सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। इससे संपत्ति कर के निर्धारण में भी अधिक पारदर्शिता आने की उम्मीद है।

मनपा ने इसी उद्देश्य से 7 अगस्त को निजी एजेंसी की नियुक्ति के लिए निविदा जारी की थी। हालांकि, निर्धारित अंतिम तिथि 31 अगस्त तक केवल एक ही निविदा आने के कारण प्रशासन ने प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के बजाय समय बढ़ाने का फैसला किया है। अब 15 दिन की अतिरिक्त अवधि में इच्छुक एजेंसियों से निविदाएं मंगाई जाएंगी।

अन्य मनपाओं में पहले हो चुका है प्रयोग

निविदा दस्तावेज में यह भी उल्लेख किया गया है कि राज्य की कई अन्य महानगरपालिकाओं में इस तरह की व्यवस्था कई वर्ष पहले लागू की जा चुकी है। वहां संपत्तियों के सर्वेक्षण और पुनर्मूल्यांकन के बाद संपत्ति कर से होने वाली आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कुछ महानगरपालिकाओं में संपत्ति कर की आय चार गुना तक बढ़ने का दावा किया गया है।

छत्रपति संभाजीनगर मनपा को भी इस सर्वेक्षण से शहर की वास्तविक संपत्ति संख्या, उनके क्षेत्रफल, उपयोग और कर निर्धारण की स्थिति की जानकारी एकत्र होने की उम्मीद है। इसके आधार पर कर प्रणाली में आवश्यक सुधार किए जा सकेंगे और मनपा के राजस्व में वृद्धि का रास्ता खुल सकता है।

18 माह का सर्वे, पांच साल की जिम्मेदारी

निजी एजेंसी को शहर की संपत्तियों का पुनर्मूल्यांकन और पुनर्सर्वेक्षण 18 माह के भीतर पूरा करना होगा। इसके बाद पांच वर्षों तक संबंधित संपत्तियों के रिकॉर्ड और उनसे जुड़ी जिम्मेदारियां संभालने की शर्त निविदा में रखी गई है। अब फेरनिविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद एजेंसी का चयन किया जाएगा।

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