छत्रपति संभाजीनगर बिजली (सोर्सः सोशल मीडिया)
छत्रपति संभाजीनगर

छत्रपति संभाजीनगर में बिजली सुधार योजनाओं को गति देने के निर्देश, सांसद भुमरे ने की समीक्षा

Solar Power Substations: छत्रपति संभाजीनगर में बिजली वितरण सुधार और हानि घटाने की योजनाओं की समीक्षा की गई। सांसद संदिपान भुमरे ने सौर कृषि पंपों के लंबित आवेदन निपटाने के निर्देश दिए।

आंचल लोखंडे

Chhatrapati Sambhajinagar Power Supply: छत्रपति संभाजीनगर जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के साथ वितरण हानि कम करने के लिए चल रही योजनाओं को प्राथमिकता देकर उनके कार्यों में तेजी लाई जाए। लंबित सौर कृषि पंप आवेदनों का शीघ्र निपटारा करने और अधिक भार वाले स्थानों पर अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर लगाकर किसानों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए। ये निर्देश जिले के सांसद संदिपान भुमरे ने शुक्रवार को जिला विद्युत समिति की बैठक में दिए।

महावितरण के परिमंडल कार्यालय में सांसद भुमरे की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की बिजली संबंधी आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने तथा वितरण हानि कम करने के लिए जारी विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। भुमरे ने कहा कि योजनाओं के तहत चल रहे कार्यों की जानकारी संबंधित सांसदों और विधायकों को नियमित रूप से दी जानी चाहिए।

अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर लगाने के निर्देश

बैठक में समिति के सह-अध्यक्ष सांसद डॉ. कल्याण काले, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा तथा ओबीसी विकास मंत्री अतुल सावे, विधायक अंबादास दानवे, सुहास सिरसाठ, प्रशांत बंब, रमेश बोरनारे, विलास भुमरे, संजना जाधव, जिला परिषद अध्यक्ष अविनाश गलांडे सहित महावितरण के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

महावितरण के मुख्य अभियंता दीपक कुमठेकर ने शहर और जिले में चल रही योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना-2.0 के तहत 40 बिजली उपकेंद्रों में पावर ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव है। इनमें से 29 उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाई जा चुकी है। अतिरिक्त पावर ट्रांसफॉर्मर लगाने के प्रस्तावित 18 कार्यों में से 5 पूरे हो चुके हैं, जबकि 7 कार्य प्रगति पर हैं।

743 मेगावाट के सौर प्रकल्प होंगे स्थापित

मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना-2.0 के अंतर्गत जिले के 110 उपकेंद्रों पर कुल 743 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा प्रकल्प स्थापित किए जाने हैं। इनमें 48 उपकेंद्रों पर 313 मेगावाट क्षमता के सौर प्रकल्प पूरे हो चुके हैं। इनसे संबंधित क्षेत्रों के कृषि पंपों को अब दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।

पीएम सूर्यघर योजना के तहत जिले में 48,950 घरेलू उपभोक्ताओं ने अपने घरों पर कुल 171 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए शुरू की गई स्वयं पूर्ण महाराष्ट्र आवासीय रूफटॉप (स्मार्ट) योजना के तहत जिले में 12,397 उपभोक्ताओं के घरों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

कमजोर वर्गों को रियायती दर पर सौर संयंत्र

स्मार्ट योजना के तहत बीपीएल उपभोक्ताओं को 2,500 रुपये, अनुसूचित जाति-जनजाति के उपभोक्ताओं को 5,000 रुपये और सामान्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उपभोक्ताओं को केवल 10,000 रुपये में एक किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की सुविधा दी जा रही है। इससे उपभोक्ताओं को 25 वर्षों तक मुफ्त बिजली प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। सांसद भुमरे ने पीएम सूर्यघर और स्मार्ट योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।

भुमरे ने ‘मांगने वाले प्रत्येक किसान को सौर कृषि पंप’ योजना के लंबित आवेदनों का शीघ्र निपटारा करने, अधिक भार वाले ट्रांसफॉर्मरों के स्थान पर अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर लगाने और किसानों को सुचारु बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। मुख्य अभियंता कुमठेकर ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर अमल करते हुए योजनाओं को गति देने और जिले में सुचारु बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए महावितरण लगातार प्रयासरत रहेगा।

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