छत्रपति संभाजीनगर मनपा में नए पदाधिकारियों और गटनेताओं के लिए कार्यालय आवंटन की कवायद।
मुख्य इमारत के आवक-जावक विभाग को हिरकणी कक्ष में शिफ्ट करने की चर्चा।
हिरकणी कक्ष महिलाओं और छोटे बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधा है।
प्रशासन ने स्थानांतरण को लेकर अब तक आधिकारिक जानकारी नहीं दी।
पुराने कार्यालयों में विभागों के संचालन के कारण नए पदाधिकारियों के लिए जगह जुटाना चुनौती।
Sambhajinagar NMC Hirkani Room Shifting: छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों और गटनेताओं को कार्यालय देने के लिए जगह की तलाश जारी है। इसी बीच मुख्य इमारत के आवक-जावक विभाग को महिलाओं और छोटे बच्चों के लिए बने हिरकणी कक्ष में स्थानांतरित करने की चर्चा है। हालांकि, प्रशासन ने अभी तक इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
छत्रपति संभाजीनगर, महानगरपालिका में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के गटनेताओं को कार्यालय उपलब्ध कराने की कवायद के बीच अब महिलाओं और छोटे बच्चों के लिए बनाए गए हिरकणी कक्ष की जगह को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, मनपा की मुख्य इमारत में स्थित आवक-जावक विभाग को परिसर के हिरकणी कक्ष में स्थानांतरित करने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, प्रशासन ने अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
मनपा के आम चुनाव के बाद नवनिर्वाचित सदस्यों, पदाधिकारियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के गटनेताओं को कार्यालय आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। लेकिन प्रशासकीय शासन के दौरान कई पुराने कार्यालयों में अलग-अलग विभागों को जगह दे दी गई थी। इसके चलते अब नए पदाधिकारियों के लिए स्वतंत्र कार्यालय उपलब्ध कराना प्रशासन के सामने चुनौती बन गया है।
इसी स्थिति के कारण कार्यालयों के आवंटन को लेकर खींचतान होने की चर्चा है। मुख्य इमारत में संचालित आवक-जावक विभाग की जगह किसी राजनीतिक दल के गटनेता को देने की संभावना के चलते इस विभाग को दूसरी जगह स्थानांतरित करने के विकल्प पर विचार किए जाने की बात सामने आ रही है।
हिरकणी कक्ष महिलाओं और छोटे बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। ऐसे में इस जगह का इस्तेमाल कार्यालय के रूप में किए जाने की चर्चा से इसकी उपयोगिता और भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
हालांकि, आवक-जावक विभाग को यहां स्थानांतरित करने के संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है। इसलिए फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि हिरकणी कक्ष के इस्तेमाल में वास्तव में कोई बदलाव किया जाएगा या नहीं।
पिछले छह वर्षों में मनपा के कई कार्यालयों के उपयोग में बदलाव किए गए। कुछ कक्षों में अलग-अलग विभाग शुरू किए गए, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों के लिए भी स्वतंत्र कार्यालय बनाए गए। अब नए पदाधिकारियों और गटनेताओं को जगह देने के लिए उपलब्ध कक्षों का दोबारा नियोजन करना पड़ रहा है।
मनपा के मुख्य प्रवेश द्वार के पास शौचालय की इमारत बनाने पर भी लाखों रुपये खर्च किए गए हैं। ऐसे में उपलब्ध जगहों के उपयोग में बदलाव की जरूरत क्यों पड़ रही है, इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
एक ओर नवनिर्वाचित पदाधिकारियों और राजनीतिक दलों के गटनेताओं को कार्यालय उपलब्ध कराने की जरूरत है, तो दूसरी ओर महिलाओं और छोटे बच्चों के लिए बनाई गई सुविधाओं को बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है। अब देखना होगा कि मनपा प्रशासन कार्यालयों की जरूरत और नागरिक सुविधाओं के बीच किस तरह संतुलन बनाता है।