छत्रपति संभाजीनगर के MGM अस्पताल में 21 वर्षीय अश्विनी निकालजे की उपचार के दौरान मौत।
मौत के बाद परिजनों और उनके साथ आए लोगों पर हंगामा करने का आरोप।
डॉक्टरों, महिला सुरक्षा अधिकारी और सुरक्षाकर्मियों से मारपीट की शिकायत।
MLC रजिस्टर छीनने और अस्पताल के कांच तोड़ने का आरोप।
अस्पताल को करीब ₹75 हजार का नुकसान; 13 लोगों के खिलाफ केस दर्ज।
MGM Hospital Sambhajinagar Vandalism Doctor Attack: छत्रपति संभाजीनगर के MGM अस्पताल में 21 वर्षीय महिला मरीज की मौत के बाद परिजनों और उनके साथ आए लोगों ने कथित तौर पर डॉक्टरों व सुरक्षाकर्मियों से मारपीट की और अस्पताल में तोड़फोड़ की। घटना में कई कर्मचारी घायल हुए और करीब 75 हजार का नुकसान हुआ। सिडको पुलिस ने 13 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
छत्रपति संभाजीनगर, MGM अस्पताल में उपचार के दौरान 21 वर्षीय महिला मरीज की मौत के बाद परिजनों ने कथित तौर पर जमकर हंगामा किया। आक्रोशित लोगों ने डॉक्टरों और सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट की तथा अस्पताल में लगे कांच तोड़ दिए। इस घटना में कई कर्मचारी घायल हुए हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, तोड़फोड़ से करीब 75 हजार रुपये का नुकसान हुआ है।
मामले में सिडको पुलिस थाने में मृतका के रिश्तेदारों और उनके साथ आए कुल 13 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वलदगांव निवासी अश्विनी निकालजे (21) को 30 अक्टूबर को MGM अस्पताल के प्रसूति विभाग में भर्ती कराया गया था। 2 नवंबर को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्हें आगे के उपचार के लिए एसआईसीयू वार्ड में स्थानांतरित किया गया।
रात करीब 9.50 बजे उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा विभाग प्रमुख गोरख चव्हाण, चिकित्सा उपाधीक्षक डॉ. नरेंद्र यादव और सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया।
आरोप है कि परिजन शांत होने के बजाय डॉक्टरों और सुरक्षा कर्मियों से उलझ गए। इस दौरान डॉ. नरेंद्र यादव के साथ लात-घूंसों से मारपीट की गई। विवाद शांत कराने पहुंचीं सुरक्षा अधिकारी पुष्पा मुंढे के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप है।
घटना में महिला सुरक्षाकर्मी वीएस लोंढे, आरडी आहेर, पठान और सुपरवाइजर सुनील थोरात सहित अन्य कर्मचारी घायल हुए। कांच टूटने से बीआईएस मैनेजर शेषराव उदार की दाहिने हाथ की कलाई और उंगलियों में भी चोट आई।
अस्पताल प्रशासन की शिकायत के अनुसार, विवाद के दौरान आरोपियों ने वार्ड से बाहर आ रहे डॉक्टर और वार्डबॉय के हाथों से मेडिकल लीगल केस (MLC) रजिस्टर छीन लिया। इसी दौरान अस्पताल में तोड़फोड़ हुई और कांच टूट गए।
सूचना मिलने पर सिडको पुलिस का दल और डायल 112 का वाहन अस्पताल पहुंचा। पुलिस तथा अस्पताल प्रशासन ने स्थिति शांत कराने का प्रयास किया।
पुलिस ने मृतका के चाचा सिद्धार्थ दाभाड़े, चाची, मामा अनिल ब्रह्मराक्षस और उनके साथ आए अन्य लोगों सहित कुल 13 आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र चिकित्सा सेवा व्यक्ति एवं संस्था अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
मामले की जांच पुलिस हवलदार जगताप कर रहे हैं। पुलिस घटना के दौरान हुई मारपीट, तोड़फोड़ और MLC रजिस्टर छीनने के आरोपों की जांच कर रही है।