पानी की पाइपलाइन (फोटो नवभारत)
छत्रपति संभाजीनगर

गणपति आगमन से पहले छत्रपति संभाजीनगर में जलसंकट; 1200 मिमी मेन पानी की पाइपलाइन फूटी, बढ़ी पानी की किल्लत

Sambhajinagar Water Supply: गणपति आगमन से एक दिन पहले छत्रपति संभाजीनगर में 1200 मिमी मुख्य जलवाहिनी फूट गई। मरम्मत के चलते कई क्षेत्रों में जलापूर्ति प्रभावित और कम दबाव की आशंका है।

आलोक उमाकृष्ण

Chhatrapati Sambhajinagar Main Water Pipeline Bursts: गणपति आगमन के ठीक एक दिन पहले शहर की जलापूर्ति के बेपटरी होने से नागरिकों के समक्ष पानी के लिए त्राहिमाम करने की स्थिति उत्पन्न हो गई। फारोला स्थित जलशुद्धिकरण केंद्र के पास रविवार, 13 सितंबर की सुबह करीब साढ़े आठ बजे शहरवासियों की प्यास बुझाने वाली 1200 मिमी व्यास की मुख्य जलवाहिनी क्षतिग्रस्त हो गई।

जलवाहिनी के फूटते ही पानी के ऊंचे फौवारे उठने लगे और सड़क पर भारी मात्रा में पानी जमा हो गया। इसके बाद महानगरपालिका ने तत्काल जलापूर्ति बंद कर मरम्मत का काम शुरू किया, जिससे शहर के कई क्षेत्रों की जलापूर्ति प्रभावित हुई है। यही नहीं, कुछ क्षेत्रों में कम दबाव से पानी मिलने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।

पैठण-संभाजीनगर मार्ग पर यातायात हुआ बाधित

गणेशोत्सव की पृष्ठभूमि में घरों की साफ-सफाई चल रही थी कि अचानक सुबह नौ बजे जलापूर्ति बंद होने से नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जलवाहिनी सड़क के किनारे फूटने के कारण पैठण-संभाजीनगर मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ।

इस बीच, जलवाहिनी फूटने की जानकारी मिलते ही मनपा के जलापूर्ति विभाग ने जलापूर्ति रोक दी। कार्यकारी अभियंता दत्तात्रय गायकवाड़, उपअभियंता आशीष वाणी व कनिष्ठ अभियंता सुभाष लहाड़े की निगरानी में ठेकेदार योगेश मते के कर्मियों ने दोपहर बाद मरम्मत कार्य शुरू किया, जो शाम तक जारी रहा।

900 मिमी जलवाहिनी की मरम्मत का भी असर

शहर को जलापूर्ति करने वाली 900 मिमी व्यास की जलवाहिनी की मरम्मत का कार्य महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण की ओर से किए जाने के कारण वहां से मिलने वाले पानी की मात्रा पहले ही कम हो गई थी। इसी बीच, 1200 मिमी की मुख्य जलवाहिनी के फूटने से शहर की जलापूर्ति पर और अधिक असर पड़ा है तथा कई क्षेत्रों में जलापूर्ति के चरण देर से होने के आसार हैं।

शहर के लिए 2,740 करोड़ रुपये की लागत वाली नई जलापूर्ति योजना लागू की जा रही है। नई योजना से फिलहाल करीब 80 एमएलडी पानी लिया जाता है, जिसमें से 50 एमएलडी शहर के लिए, जबकि 30 एमएलडी पानी पाइपलाइन स्कोरिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

900 मिमी जलवाहिनी से करीब 50 एमएलडी पानी मिलता है। पुरानी व नई योजना से शहर को रोजाना करीब 200 से 210 एमएलडी जलापूर्ति की जाती है। ऐसे में मुख्य जलवाहिनी के फूटने से ऐन तीज-त्योहार के दौरान जलापूर्ति सुचारु रखने का संकट मनपा के सामने आ खड़ा हुआ है।

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