

Nashik Students Felicitation Ceremony: मराठा विद्या प्रसारक समाज संस्था द्वारा संचालित बाल शिक्षण मंदिर (गोरेराम लेन) में साने गुरुजी के विचारों से प्रेरित लगनशील और संस्कारवान विद्यार्थियों का विशेष सत्कार समारोह आयोजित किया गया।
विद्यार्थियों में संस्कारों की इस श्रृंखला को बनाए रखने के उद्देश्य से शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए कुल 10 विद्यार्थियों का चयन किया गया। चयनित विद्यार्थियों को श्यामची आई एवं व्हा यशवंत पुस्तकें, एक उत्तरपुस्तिका (नोटबुक) तथा देवमामलेदार यशवंतराव महाराज का चित्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
देवमामलेदार यशवंतराव महाराज के पैतृक पंढरपुर गांव (भोसे) से विद्यार्थियों की एक विशेष टुकड़ी कार्यक्रम में शामिल हुई। इन विद्यार्थियों का मंच पर सम्मान कर उनका उत्साह बढ़ाया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत के साथ चिंतन और संस्कार विकसित करने के उद्देश्य से यह उपक्रम चलाया जा रहा है।
‘श्यामची आई’ पुस्तक पढ़कर उसके प्रत्येक अध्याय को समझने तथा उस पर अपने विचार और समीक्षा नोटबुक में लिखने वाले विद्यार्थियों का विशेष सत्कार किया जाता है। इस पहल के माध्यम से बच्चों को केवल पुस्तक पढ़ने तक सीमित न रखते हुए उसके विचारों को आत्मसात करने और अपने शब्दों में व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
इस वर्ष चयनित मेधावी एवं संस्कारवान विद्यार्थियों की माताओं का भी विशेष सम्मान किया गया। माताओं को साड़ी-चोली तथा पारंपरिक खन-नारियल भेंट कर उनके योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम के मंच पर साधु देवमामलेदार श्री यशवंतराव महाराज ट्रस्ट के ट्रस्टी वसंत शिंदे, स्कूल समिति के सदस्य शिवाजी गवली व विजय म्हस्के, कार्यक्रम की अध्यक्षा वत्सलाताई खैरे, पूर्व नासिक मनपा केंद्र प्रमुख बाजीराव पवार, मुख्याध्यापिका एस. आर. आव्हाड तथा एम. एस. पिंगले सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ व अतिथियों का स्वागत मुख्याध्यापिका एस. आर. आव्हाड ने किया। प्रस्तावना यू. बी. पवार ने प्रस्तुत की तथा मंच संचालन वैशाली गावले ने किया। आयोजन को सफल बनाने में कला शिक्षिका एस. ई. पेखले और स्कूल के सभी शिक्षक-कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।