Chhatrapati Sambhajinagar Garkheda Fake Property Deed Forgery Case Against Woman: किराए के मकान को अपना बताने के लिए कथित रूप से फर्जी खरीद खत और नोटरी करार तैयार कर उस पर मकान मालिक के जाली हस्ताक्षर करने का मामला गारखेड़ा क्षेत्र में सामने आया है।
आरोप है कि महिला ने इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर छत्रपति संभाजीनगर मनपा का संपत्ति कर और बिजली मीटर भी अपने नाम करा लिया। मामले में जवाहर नगर पुलिस ने कल्पना दास के खिलाफ धोखाधड़ी और जाली दस्तावेज तैयार करने का मामला दर्ज किया है।
मकान मालिक मनोज चंपालाल बोरा (52) की शिकायत के अनुसार, उन्होंने 2012 में छत्रपति संभाजीनगर की धर्तीधन सोसायटी का मकान क्रमांक 14 खरीदा था। भांजे के कहने पर मकान बप्पी दास को छह हजार रुपये मासिक किराए पर दिया गया था।
बप्पी अपनी पत्नी कल्पना के साथ वहां रहता था। वर्ष 2022 में बप्पी की मृत्यु के बाद भी परिवार मकान में ही रहा।
शिकायत के अनुसार, कल्पना ने 29 जून 2015 के स्टांप पेपर पर फर्जी खरीद खत अथवा नोटरी करार तैयार किया और उस पर बोरा के जाली हस्ताक्षर किए। इसके आधार पर संपत्ति कर अपने नाम कराया और बाद में बिजली मीटर भी अपने नाम स्थानांतरित करा लिया।
शिकायत के अनुसार, वर्ष 2022 से कल्पना दास और उसके परिवार ने मकान का किराया देना कथित रूप से बंद कर दिया। इसके बाद मकान मालिक मनोज चंपालाल बोरा ने मकान खाली कर वापस सौंपने की मांग की, लेकिन आरोप है कि महिला ने मकान खाली करने से इनकार कर दिया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मकान खाली करने के लिए कहने पर बोरा को झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई। लगातार विवाद बढ़ने के बाद बोरा ने इस संबंध में पुलिस से शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए जवाहर नगर पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की है। पुलिस हवलदार वानखेड़े मामले से जुड़े दस्तावेजों और आरोपों की जांच कर रहे हैं।