छत्रपति संभाजीनगर से तेलंगाना तक फैला रासायनिक कचरे का खेल, 1,601 ड्रम और 3.52 लाख लीटर केमिकल जब्त

Sambhajinagar Chemical Waste: छत्रपति संभाजीनगर में मिले खतरनाक रासायनिक कचरे की जांच तेलंगाना तक पहुंची। प्रदूषण मंडल ने VBR Green Environment को बंद करने का आदेश दिया, 13 आरोपी गिरफ्तार।
Sambhajinagar Chemical Waste Telangana VBR Green Company
3.52 लाख लीटर खतरनाक रसायन जब्त(सोर्स: AI)
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Telangana VBR Green Company Action: छत्रपति संभाजीनगर जिले के अलग-अलग हिस्सों में मिले खतरनाक रासायनिक कचरे की जांच करते हुए छत्रपति संभाजीनगर ग्रामीण पुलिस ने इसके तार तेलंगाना के संगारेड्डी जिले तक जोड़ दिए हैं।

पुलिस की जांच के बाद तेलंगाना प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने मुनीपल्ली स्थित वीबीआर ग्रीन एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड को बंद करने का आदेश जारी किया है। उद्योग का संचालन तत्काल रोकने के साथ बिजली आपूर्ति काटने के भी निर्देश दिए गए हैं।

ड्रम से शुरू हुई जांच, तेलंगाना तक पहुंची

पलसी, सिल्लोड शहर, फर्दापुर, आलंद, शिवूर और तोंडापुर क्षेत्र में मिले रासायनिक ड्रमों से पुलिस ने जांच शुरू की। ड्रमों पर लगे लेबल और बैच नंबर, दूषित मिट्टी, वाहनों की आवाजाही, आरोपियों के संपर्क तथा आर्थिक लेन-देन की जांच के बाद रासायनिक कचरे की पूरी श्रृंखला सामने आई।

अब तक संभाजीनगर पुलिस ने 1,601 ड्रम में भरे 3 लाख 52 हजार 220 लीटर खतरनाक रसायन, 40 टन रासायनिक पाउडर, 50 टन दूषित मिट्टी, तीन ट्रक, हाइड्रा मशीन और सात मोबाइल सहित करीब 80.35 लाख रुपये का सामान जब्त किया है। मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

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मुनीपल्ली में मिले अहम सुराग

जांच के दौरान पुलिस दल मुनीपल्ली पहुंचा, वहां वीबीआर ग्रीन एनवायरनमेंट के परिसर में छत्रपति संभाजीनगर जिले में मिले रसायनों से मिलते-जुलते ड्रम बरामद हुए। उनके लेबल, बैच नंबर और उत्पादन संबंधी जानकारी कब्जे में ली गई। जांच में कंपनी के मालिक वीरेशम भीमैया खरचेला की कथित भूमिका सामने आने पर उसे भी गिरफ्तार किया गया।

पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर तेलंगाना प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने उद्योग की जांच की। वहां खुले में प्लास्टिक कचरा, निर्धारित भंडारण क्षेत्र से बाहर कचरा, रसायनों का रिसाव और दूषित तरल पाया गया।

इसके बाद मंडल ने नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए उद्योग बंद करने का आदेश जारी किया। आदेश के बावजूद संचालन जारी रखने पर कानूनी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।

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