केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की ओर से 1 से 7 नवंबर तक सप्ताह का आयोजन।
वर्ष 2026 में भारत की BRICS अध्यक्षता की पृष्ठभूमि में हो रही पहल।
मिशन लाइफ के सात संकल्पों पर आधारित रहेंगी गतिविधियां।
कचरे का पृथक्करण, प्लास्टिक का कम इस्तेमाल और 3R सिद्धांत का होगा प्रचार।
जल स्रोतों की स्वच्छता और ग्रे-वाटर प्रबंधन में जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर।
Sambhajinagar BRICS Sustainable Lifestyle Week Mission LiFE: केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से 1 से 7 नवंबर तक शाश्वत जीवन शैली सप्ताह आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण, कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक का कम इस्तेमाल और जल स्रोतों की स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है। जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी मिन्नू पीएम ने जिले में सप्ताह को सफल बनाने के लिए नागरिकों से भागीदारी की अपील की है।
छत्रपति संभाजीनगर, पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने और नागरिकों की जीवनशैली में टिकाऊ बदलाव लाने के उद्देश्य से 1 से 7 नवंबर तक शाश्वत जीवन शैली सप्ताह आयोजित किया जा रहा है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से आयोजित इस सप्ताह में जनजागरूकता और व्यवहार परिवर्तन पर आधारित विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
वर्ष 2026 में भारत की BRICS अध्यक्षता की पृष्ठभूमि में आयोजित इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देना और इसमें आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी मिन्नू पीएम ने जिले में इस सप्ताह को सफल बनाने के लिए नागरिकों से सक्रिय सहभागिता की अपील की है।
सप्ताह के दौरान मिशन लाइफ (LiFE) की सात संकल्पनाओं पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें ठोस कचरा प्रबंधन नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में जमा करने और प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने पर विशेष जोर रहेगा।
इसके साथ ही प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के 3R सिद्धांत यानी Reduce (कम उपयोग), Reuse (पुन: उपयोग) और Recycle (पुनर्चक्रण) का प्रचार किया जाएगा। नागरिकों को रोजमर्रा की जिंदगी में इन उपायों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
सप्ताह के दौरान ग्रे-वाटर प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियां भी आयोजित होंगी। घरों और अन्य स्थानों से निकलने वाले ऐसे अपशिष्ट जल के उचित प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी, जिसका पुन: उपयोग संभव है।
इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों और जल स्रोतों की स्वच्छता के लिए अभियान चलाए जाएंगे। टिकाऊ स्वच्छता और कचरा प्रबंधन की पद्धतियों को अपनाने के लिए लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर रहेगा।
जिला परिषद प्रशासन का उद्देश्य सप्ताह के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को केवल सरकारी गतिविधि तक सीमित न रखकर नागरिकों की दैनिक आदतों का हिस्सा बनाना है। कचरे का पृथक्करण, प्लास्टिक का कम उपयोग, पानी का बेहतर प्रबंधन और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता जैसे छोटे प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण में योगदान दिया जा सकता है।