

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे के लिए करीब 6,300 पुलिसकर्मी तैनात।
48 घंटे से अधिक समय तक चला सुरक्षा बंदोबस्त।
रामकुंड, तपोवन और त्र्यंबकेश्वर मार्गों पर मॉक ड्रिल और रिहर्सल।
वीवीआईपी काफिले के लिए हवाई अड्डे से रामकुंड तक मार्ग का पूर्वाभ्यास।
चिकित्सा आपात स्थिति के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार रखा गया।
Nashik Police Security Arrangements President Visit Kumbh Mela: सिंहस्थ कुंभ 2027 के महाध्वजारोहण समारोह और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे को देखते हुए नासिक पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। करीब 6,300 पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ 48 घंटे से अधिक समय तक बंदोबस्त चला। रामकुंड, तपोवन और त्र्यंबकेश्वर के मार्गों पर मॉक ड्रिल, बैरिकेडिंग और ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था की गई। समारोह बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न हुआ।
नासिक सिंहस्थ कुंभ 2027 के महाध्वजारोहण समारोह को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए नासिक पुलिस ने व्यापक सुरक्षा नियोजन किया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सहित कई अतिविशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी को देखते हुए करीब 6,300 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। 48 घंटे से अधिक समय तक चले सुरक्षा बंदोबस्त के बीच समारोह बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न हुआ।
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए रामकुंड और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी। राष्ट्रपति का रामकुंड पर दो बार आगमन होने के कारण अतिरिक्त सतर्कता बरती गई। पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक सहित वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में पूरे बंदोबस्त की निगरानी की गई।
संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग और नाकेबंदी के साथ भीड़ की आवाजाही पर नजर रखी गई।
सुरक्षा व्यवस्था में संभावित खामियों को दूर करने के लिए समारोह से पहले कई बार मॉक ड्रिल की गई। रामकुंड, तपोवन और त्र्यंबकेश्वर तक के मार्गों पर विशेष रिहर्सल हुई। राष्ट्रपति सहित अन्य वीवीआईपी अतिथियों के काफिले की आवाजाही, यातायात नियंत्रण और आपात स्थिति में कार्रवाई की तैयारियों को परखा गया।
हवाई अड्डे से रामकुंड तक के मार्ग पर भी प्रत्यक्ष अभ्यास किया गया। काफिले के गुजरने के दौरान वैकल्पिक रास्तों और यातायात व्यवस्था का परीक्षण किया गया, ताकि समारोह के समय आवागमन सुचारू रखा जा सके।
किसी भी चिकित्सकीय आपात स्थिति से निपटने के लिए ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था की गई थी। इसका उद्देश्य जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस और चिकित्सा दल को बिना रुकावट घटनास्थल तक पहुंचाना था।
रामकुंड घाट पर बैरिकेडिंग, प्रमुख स्थानों पर नाकेबंदी और नगर परिक्रमा मार्ग का निरीक्षण पहले ही पूरा कर लिया गया था। संवेदनशील रास्तों पर नो-व्हीकल जोन लागू करने का अभ्यास भी किया गया। इन इंतजामों से समारोह के दौरान भीड़ और यातायात नियंत्रित रखने में मदद मिली।
पुलिस के व्यापक बंदोबस्त और पूर्वाभ्यास के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद महाध्वजारोहण समारोह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। आगामी सिंहस्थ कुंभ की सुरक्षा तैयारियों के लिहाज से भी इस आयोजन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।