Sambhajinagar English Class Owner Mohan Korde: 14 साल से चल रहे संपत्ति विवाद, पुलिस जांच में कथित देरी, बदनामी के कारण पढ़ाई का काम बंद होने और बढ़ते कर्ज के बीच फिनेक्स इंग्लिश स्पीकिंग क्लास के संचालक मोहन शिवराम कोरडे (60) ने विष पीकर आत्महत्या कर ली।
उस्मानपुरा के द्वारकापुरी निवासी कोरडे ने 6 अक्टूबर को अपनी कक्षा के कमरे में विष पीने के बाद स्वयं पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी थी। उपचार के दौरान 7 अक्टूबर की सुबह उनकी मृत्यु हो गई। उनकी पत्नी सुनीता कोरडे की शिकायत पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है।
कोरडे दंपती वर्ष 2001 से अंग्रेजी की पढ़ाई कराते थे। वर्ष 2003 में उन्होंने तापड़िया सिने मार्केट की दुकान क्रमांक 7, 8 और 9 किराये पर ली थीं। वर्ष 2006 में इन दुकानों को खरीदने का समझौता हुआ। शिकायत के अनुसार, कोरडे ने इसके लिए 7.50 लाख रुपये नकद दिए थे।
आरोप है कि रकम लेने के बावजूद दुकानों का स्वामित्व उनके नाम नहीं किया गया। फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाने का आरोप भी शिकायत में लगाया गया है। इस विवाद को लेकर वर्ष 2011 से कानूनी लड़ाई चल रही थी।
वर्ष 2012 में न्यायालय के आदेश पर मामला दर्ज हुआ, लेकिन आरोपपत्र दाखिल नहीं किया गया। कोरडे ने वर्ष 2006 से 2025 के बीच करीब 50 शिकायतें कीं। उन्होंने मुंबई के आजाद मैदान में दो बार आमरण अनशन भी किया।
वर्ष 2025 में कोरडे ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद मामले की जांच दोबारा शुरू हुई। प्रकरण में विजय रामचंद्र सांगविकर और सुधा प्रभाकर साने की अग्रिम जमानत सत्र न्यायालय ने 20 जुलाई को खारिज कर दी थी। इसके बाद उच्च न्यायालय ने 21 जुलाई को कुछ शर्तों के साथ अंतरिम जमानत दी।
शिकायत में आरोप है कि जमानत मिलने के बाद आरोपियों ने कोरडे दंपती को धोखेबाज बताकर उनकी बदनामी की। इसके बाद माजलगांव और मनपा के स्कूलों में चल रहे उनके क्लासेस बंद हो गए ।
आय का प्रमुख जरिया बंद होने से परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ती चली गई। इसी दौरान कोरडे को अर्धांगघात हुआ। उनका बेटा भी दुर्घटना में घायल हो गया। इलाज और परिवार के खर्च का बोझ बढ़ने से आर्थिक संकट और गहरा गया।
50 लाख रुपये के कर्ज का भरोसा
शिकायत के अनुसार, उस्मानपुरा स्थित कोरडे के घर पर पंजाब नेशनल बैंक का 16.50 लाख रुपये का कर्ज बकाया था। आरोप है कि उद्धव राऊत और संतोष जाधव ने 50 लाख रुपये का कर्ज दिलाने का भरोसा देकर कोरडे से दो बांड और पांच खाली चेक लिए।
हालांकि, उन्हें कथित रूप से कर्ज नहीं मिला। इसी बीच बैंक की ओर से 6 अक्टूबर को घर पर अंतिम कुर्की की कार्रवाई प्रस्तावित थी। संपत्ति विवाद, आय बंद होने और कर्ज के दबाव के बीच कोरडे मानसिक रूप से बेहद परेशान थे।
6 अक्टूबर को दोपहर करीब पौने तीन बजे कोरडे ने ग्रीन लीफ होटल स्थित अपनी कक्षा के कमरे में विष पी लिया। इसके बाद उन्होंने 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। उन्हें तत्काल मिनी घाटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान 7 अक्टूबर की सुबह करीब साढ़े चार बजे उनकी मृत्यु हो गई।
आत्महत्या से पहले टाइप किए गए बयान में कोरडे ने संपत्ति विवाद, पुलिस जांच में कथित देरी, बदनामी और कर्ज से जुड़ी कथित धोखाधड़ी की संयुक्त जांच अपराध शाखा अथवा विशेष जांच दल से कराने की मांग की।
उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और न्याय मिलने तक घर की नीलामी रोकने का भी आग्रह किया था। छत्रपति संभाजीनगर पुलिस ने विजय सांगविकर, सुधा साने, उद्धव राऊत और संतोष जाधव के खिलाफ मामला दर्ज किया है, मामले की आगे जांच जारी है।