Sambhajinagar Digital Arrest 3 Crore Cyber Fraud: पुलिस की वर्दी, पीछे तिरंगा और पुलिस का झंडा; वीडियो कॉल पर ऐसा दृश्य दिखाकर 75 वर्षीय महिला को विश्वास दिलाया गया कि सामने बैठे लोग वास्तव में पुलिस अधिकारी हैं।
इसके बाद ‘आपके नाम से मुंबई में बैंक खाता खोला गया है और उससे आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन भेजा जा रहा है’ कहकर उन्हें डराया गया। आरबीआई की जांच, गिरफ्तारी और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर साइबर ठगों ने महिला को 14 दिन तक डिजिटल हिरासत में रखा।
इस दौरान अलग-अलग पांच बैंक खातों से आरटीजीएस के जरिए 3 करोड़ 80 हजार रुपये ठगों के बताए खातों में भेजवा लिए गए। यह घटना 18 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच व्यंकटेश नगर में हुई। मामले में जिन्सी पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
व्यंकटेशनगर निवासी शुभाधा अशोक कुलकर्णी (75) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 18 सितंबर को दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच उनके मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को नासिक अपराध शाखा का अधिकारी बताते हुए अपना नाम राजन भिसे बताया।
उसने कहा कि उनके नाम वाले मोबाइल नंबर का उपयोग कर मुंबई की केनरा बैंक में खाता खोला गया है। इस खाते से आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन भेजा गया है।
इसके बाद दूसरे व्यक्ति ने फोन कर कहा कि संबंधित खाते में दो करोड़ रुपये आए हैं और उसमें से दो लाख रुपये कमीशन के रूप में कुलकर्णी के खाते में भेजे गए हैं। उसने कहा कि उनके सभी बैंक खातों की जानकारी आरबीआई द्वारा जांची जाएगी।
सहयोग नहीं करने पर उन्हें गिरफ्तार करने और उनके बेटे को भी गिरफ्तार करने की धमकी दी गई। इससे घबराई महिला ठगों के निर्देशों का पालन करने लगी।
साइबर ठगों ने व्हाट्सऐप पर वीडियो कॉल किया। कॉल में एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में बैठा दिखाई दिया। उसके पीछे तिरंगा और पुलिस का नीला झंडा भी दिखाई दे रहा था। इस दृश्य से महिला को विश्वास हो गया कि सामने वास्तव में पुलिस अधिकारी ही हैं।
18 सितंबर से 1 अक्टूबर तक उन्हें प्रतिदिन सुबह, दोपहर और शाम फोन किए जाते रहे। इस दौरान उन्हें लगातार निगरानी और जांच का भय दिखाया गया।
21 सितंबर को ठगों ने कुलकर्णी से उनके सभी बैंक खातों और लेन-देन की जानकारी ली। उनके पास सावधि जमा होने की जानकारी मिलने के बाद उसकी भी पड़ताल की गई।
उन्हें बताया गया कि आरबीआई की जांच चल रही है और किसी को जानकारी देने पर परिवार को नुकसान पहुंचाया जाएगा। इसके बाद अलग-अलग बैंकों से ठगों द्वारा बताए गए खातों में आरटीजीएस कराने के लिए उन्हें मजबूर किया गया।
साइबर ठगों ने 23 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच पांच अलग-अलग लेन-देन के माध्यम से कुल 3 करोड़ 80 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए।
23 सितंबर: देवगिरी नागरी सहकारी बैंक से 62 लाख रुपये।
28 सितंबर: सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 89 लाख रुपये।
29 सितंबर: औरंगाबाद जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक से 54 लाख रुपये।
1 अक्टूबर: एचडीएफसी बैंक से 55 लाख रुपये।
1 अक्टूबर: एसबीआई खाते से 40 लाख 80 हजार रुपये।
कुल रकम : 3 करोड़ 80 हजार रुपये।
शुभाधा कुलकर्णी घर में अकेली रहती हैं। उनका बेटा जामनगर में रिलायंस कंपनी में कार्यरत है, जबकि बेटी अमेरिका में रहती है। साइबर ठगों ने बेटे को भी गिरफ्तार करने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर महिला को भयभीत रखा।
लगातार धमकियों और बैंक खातों से भारी रकम जाने के बाद जब कुलकर्णी को ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने जिन्सी थाने में शिकायत दर्ज कराई। छत्रपति संभाजीनगर पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर ठगों की तलाश शुरू कर दी है।
ठगी का पता चलने पर शुभाधा कुलकर्णी ने जिन्सी पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। साइबर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ठगी की कुल राशि में से 32 लाख रुपये फ्रीज करने में सफलता अर्जित की। पुलिस ने बताया कि शेष राशि जिन बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है, उन्हें फ्रीज करने के प्रयास जारी हैं।