कैब चालक ने बुजुर्ग को लगाया बड़ा चूना (सोर्स: AI)
छत्रपति संभाजीनगर

छत्रपति संभाजीनगर: पेमन्ट नहीं हुआ कहकर मोबाइल लिया, पासवर्ड देखकर 2 मिनट में उड़ाए 90 हजार रूपये

Chhatrapati Sambhajinagar Cab Driver Fraud: संभाजीनगर में कैब चालक ने भुगतान के बहाने 66 वर्षीय बुजुर्ग का मोबाइल लेकर पासवर्ड देख लिया। फिर तीन लेनदेन में 90 हजार रुपये दूसरे खाते में भेज दिए।

शफीउल्ला हुसैनी, आलोक उमाकृष्ण

Sambhajinagar Driver 90 Thousand Fraud: छत्रपति संभाजीनगर में बीमार पत्नी को उपचार के लिए अस्पताल ले जाने के लिए कैब बुक करना एक बुजुर्ग को भारी पड़ गया।

अस्पताल पहुंचने के बाद कैब चालक ने भुगतान नहीं होने की बात कहकर मोबाइल लिया और उसे लेकर फरार हो गया।

मोबाइल में भुगतान एप का पासवर्ड देखकर चालक ने महज दो मिनट में तीन लेनदेन के जरिए 90 हजार रुपये दूसरे खाते में स्थानांतरित कर दिए। जवाहरनगर थाने में मामला दर्ज किया गया है।

बीमार पत्नी को अस्पताल ले जाने के लिए बुक की थी कैब

कासलीवाल मार्बल, बीड बायपास निवासी द्वारकादास हरिनारायण बाहेती (66) ने इस मामले में छत्रपति संभाजीनगर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उनकी पत्नी भारती के घुटने में तकलीफ होने के कारण उन्होंने 1 अक्टूबर को दोपहर करीब 3.30 बजे अस्पताल जाने के लिए कैब बुक की थी।

कैब चालक शाम 3.38 बजे उनकी सोसायटी पहुंचा और दोनों को लेकर अस्पताल के लिए रवाना हुआ। अस्पताल पहुंचने पर कैब का वास्तविक किराया 210 रुपये था, लेकिन चालक ने भुगतान एप के जरिए 420 रुपये का भुगतान करवाया।

इसी दौरान भुगतान प्रक्रिया के बहाने चालक ने बुजुर्ग के मोबाइल पर नजर रखी और उसका पासवर्ड देख लिया। बाद में इसी जानकारी का इस्तेमाल कर कथित तौर पर रकम ट्रांसफर की गई।

कार हटाने के बहाने फरार हुआ चालक

कुछ देर बाद कैब चालक ने भुगतान की जांच करने के बहाने बुजुर्ग द्वारकादास बाहेती से उनका मोबाइल फोन मांगा। इसी दौरान अस्पताल के सुरक्षा कर्मचारी ने चालक को वाहन हटाने के लिए कहा। चालक ने वाहन पार्क करने की बात कहकर मोबाइल अपने पास रख लिया और कैब लेकर वहां से फरार हो गया।

बाहेती ने तुरंत चालक का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन चालक ने कैब तेज गति से दौड़ा दी और उन्हें चकमा देकर भागने में सफल रहा। बाद में चालक ने मोबाइल सोसायटी के सुरक्षा कर्मचारी के पास पहुंचाया। मोबाइल की जांच के बाद खाते से 90 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर होने की जानकारी सामने आई।

अगले दिन चालक ने मोबाइल सोसायटी के सुरक्षा कर्मचारी के पास पहुंचा दिया। जांच करने पर पता चला कि कुणाल दीपक शेलके के नाम पर तीन लेनदेन में 90 हजार रुपये भेजे गए हैं। मामले की जांच उपनिरीक्षक कांबले कर रहे हैं।

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