Chhatrapati Sambhajinagar Bank Employees Demand: पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की प्रमुख मांग को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के नेतृत्व में बुधवार शाम बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने जालना रोड स्थित पाटीदार भवन के पास बैंक ऑफ इंडिया कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया।
इस दौरान कर्मचारियों के काम का बढ़ता दबाव कम करने, मानसिक और पारिवारिक स्वास्थ्य की रक्षा तथा सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराने की मांग की गई। प्रदर्शन में शहर के 200 से अधिक बैंक कर्मचारी और अधिकारी शामिल हुए। महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही।
एनसीबीई के ललित निकुंभ ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और बैंक कर्मचारी तथा अधिकारी इस व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। कर्मचारियों के मानसिक और पारिवारिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पांच दिवसीय कार्य सप्ताह आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह मांग वर्ष 2011 से उठाई जा रही है।
एआईबीओसी के कॉ. अमोल गायकवाड़ ने कहा कि शनिवार और रविवार की छुट्टी कोई विलासिता नहीं, बल्कि मानसिक रूप से तरोताजा होने के लिए आवश्यक है। करीब 90 प्रतिशत बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के परिवार दूसरे स्थानों पर रहते हैं। ऐसे में पांच दिवसीय सप्ताह से कर्मचारियों को परिवार के लिए समय मिल सकेगा और काम का बेहतर नियोजन भी संभव होगा।
उन्होंने कहा कि कम कर्मचारियों के कारण बैंकिंग सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. इसका असर ग्राहकों को मिलने वाली सेवा पर भी होता है। कई बैंक शाखाओं में शाम आठ से दस बजे तक काम चलने का दावा करते हुए उन्होंने राज्य सरकार से इस स्थिति पर भी ध्यान देने की मांग की।
महाराष्ट्र स्टेट बैंक एम्प्लॉईज फेडरेशन के संयुक्त सचिव कॉ. कैलास कानडे ने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं को लागू करने में बैंक कर्मचारियों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी आती है। इससे वे मानसिक रूप से थक जाते हैं। इसलिए कार्य और पारिवारिक जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए पांच दिवसीय सप्ताह जरूरी है।
अमोल गायकवाड़ ने कहा कि भारतीय बैंक संघ ने पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग स्वीकार कर ली है, लेकिन सरकार की मंजूरी अब भी बाकी है। कर्मचारियों ने मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम में राहुल सालुंखे सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। संचालन राजेंद्र देवले और आभार प्रदर्शन प्रणव कौशिक ने किया।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट